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Updated on: 15 January, 2026 12:00 AM IST
सर्दी में पोल्ट्री फार्मिंग प्रबंधन यहां जानें (Image Source- Freepik)

ठंड के मौसम में पोल्ट्री पालकों के लिए सबसे ज्यादा सतर्क रहने का समय होता है. इस दौरान थोड़ी-सी लापरवाही भी भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है. खासतौर पर चूजों के पालन में तापमान प्रबंधन अगर सही न हो, तो मृत्यु दर तेजी से बढ़ जाती है. ऐसे में अगर पोल्ट्री पालक गैस ब्रूडर लगाते हैं, तो मृत्यु दर पर रोक लगा सकते हैं और इस बिजनेस में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आगे इस लेख में यह जानें इस गैस ब्रूडर से क्या फायदा होगा.

सर्दी में पोल्ट्री फार्मिंग में क्यों बढ़ता है खतरा?

पोल्ट्री फार्मिंग करने वाले पालकों के लिए सर्दी का मौसम सबसे ज्यादा नुकसानदायक होता है, क्योंकि इस मौसम में वातावरण का तापमान गिर जाता है और छोटे चूजे अपने शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं कर पाते, जिससे कई छोटे चूजों की मृत्यु हो जाती है. ऐसे में पालकों को तापमान प्रबंधन का विशेष रुप से ध्यान रखना अति आवश्यक होता है और कुछ पोल्ट्री पालक तो बिजली आधारित हीटर या बल्ब पर निर्भर रहते हैं, जिसके चलते उनको भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है.

गैस ब्रूडर क्यों है जरूरी?

अगर आप भी मुर्गी पालन कर रहे हैं, तो आपके लिए गैस ब्रूडर अति आवश्यक है. गैस ब्रूडर से चूजों को लगातार आवश्यक तापमान मिलता है और बिजली कटने की स्थिति में भी यह काम करता है, जिससे चूजों को 24 घंटे समान गर्मी मिलती है, जो उनके स्वास्थ्य को भी ठीक रखता है और विकास भी तेजी से करता है.

इसके अलावा जिस तरह से पहले सप्ताह में चूजों को लगभग 32–35 डिग्री सेल्सियस तापमान की जरूरत होती है. इस स्थिति में यह गैस ब्रूडर बहुत कामगार है इसमें तापमान को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है.

ऐसे करें पोल्ट्री शेड का प्रबंधन

पोल्ट्री शेड में सिर्फ गैस ब्रूडर लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि पोल्ट्री शेड का सही प्रबंधन भी उतना ही जरूरी है. सर्दियों में शेड को चारों तरफ से प्लास्टिक शीट या तिरपाल से ढक देना चाहिए, ताकि ठंडी हवा अंदर न आ सके और अंदर की गर्मी बनी रहे.

हालांकि, इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि शेड में वेंटिलेशन पूरी तरह बंद न हो. ताजी हवा के लिए ऊपर से थोड़ी जगह खुली छोड़ दें, ताकि नमी और अमोनिया गैस बाहर निकल सके. अत्यधिक नमी और खराब हवा से चूजों में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

बिछावन और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान

अगर आप पोल्ट्री फार्मिंग कर रहे हैं, तो ठंड के मौसम में बिछावन (लिटर) का विशेष ख्याल रखें बिछावन (लिटर) को सूखा रखें, क्योंकि गीला या ठंडा बिछावन चूजों को बीमार कर सकता है. इसके लिए धान की भूसी या लकड़ी की बुरादे का इस्तेमाल करें और समय-समय पर उसे बदलते रहें और साथ ही साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखें. गंदगी और नमी से फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण तेजी से फैलता है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है.

संतुलित आहार और पानी का प्रबंध

ठंड के मौसम में चूजों की ऊर्जा जरूरत बढ़ जाती है. इसलिए उन्हें संतुलित और पोषक आहार देना जरूरी है. आहार में प्रोटीन, ऊर्जा और जरूरी विटामिन-खनिज पर्याप्त मात्रा में होने चाहिए. इसके अलावा चूजों को पानी भी गुनगुना देना बेहतर रहता है, ताकि चूजों को ठंड न लगे और ठंडा पानी पीने से वे बीमार न पड़ें.

सही प्रबंधन से होगा मुनाफा

अगर सर्दियों में आप मुर्गी फार्म में गैस ब्रूडर, शेड कवरिंग, साफ-सफाई और सही आहार का ध्यान रखते हैं, तो चूजों की मृत्यु दर काफी हद तक कम की जा सकती है. इससे न सिर्फ उत्पादन बेहतर होगा, बल्कि पोल्ट्री व्यवसाय से होने वाला मुनाफा भी बढ़ेगा.

English Summary: Poultry farming without gas brooder will result in heavy losses know everything about poultry farm management
Published on: 15 January 2026, 03:45 IST

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