देशभर के किसान अब खेती-बाड़ी तक ही सीमित नहीं रहे. अब किसान ऐसे छोटे साइड बिजनेस कर रहे हैं, जिससे लाख रुपये तक की तगड़ी आय अर्जित कर रहे हैं और यह बिजनेस है मछली पालन जिससे किसानों को बड़ा मुनाफा हो रहा है, क्योंकि मछली पालन करने के लिए तालाब की जरुरत होती है, ऐसे में सरकार किसानों को सरकारी सब्सिडी भी प्रदान कर रही है, जिससे किसानों की लागत कम और कमाई अधिक होने की संभावना बढ़ रही है. चलिए आगे जानें किस प्रजाति की मछली से 6 लाख रुपये की कमाई होना संभव है.
पंगेशियस मछली
पहले जहां किसान भाई सिर्फ खेती पर निर्भर रहते थे, लेकिन अब किसान भाई मछली पालन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और रोहू, कतला और मृगल का पालन के साथ, वह अब बड़ी संख्या में पंगेशियस की ओर रुख कर रहे हैं, क्योंकि मछली की यह प्रजाति कम समय में अधिक उत्पादन देती है और बाजार में भी धड़ल्ले से बिकती है. यह वजह है कि काफी किसान मछली की पंगेशियस प्रजाति की ओर रुख कर रहे हैं और 5 लाख रुपये तक तगड़ी आमदनी अर्जित कर रहे हैं.
पंगेशियस की खासियत
पंगेशियस मछली में कई खासियत है, जो अन्य मछलियों की प्रजाति में नहीं पाई जाती जिनमें है-
1. कम ऑक्सीजन में भी जीवित रहने की क्षमता
इस मछली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम ऑक्सीजन वाले तालाबों में भी आसानी से जीवित रह सकती है, क्योंकि देखा जाता है कि सर्द मौसम में तालाबों में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिसमे अन्य मछलियों को नुकसान होता है, लेकिन इस प्रजाति पर कोई असर नहीं पड़ता.
2. तेजी से विकास
यह मछली बेहद तेजी से बढ़ती है और मात्र 5 से 6 महीनों में बाजार के लिए तैयार हो जाती है. इससे किसानों को अधिक लाभ हो जाता है. बाजारों में इस मछली की अधिक मांग होने के कारण धड़ल्ले से यह बाजार में बिक जाती है और किसान लाखों का मुनाफा कमा लेते हैं.
3. मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता
पंगेशियस की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है, जिससे यह जल्दी बीमार नहीं पड़ती. इससे दवाओं और उपचार पर खर्च कम आता है और नुकसान की संभावना भी घटती है.
4. कम जगह में अधिक उत्पादन
इस मछली की प्रजाति को अधिक जगह की जरुरत नहीं होती. यह मछली सीमित क्षेत्र में भी अधिक उत्पादन देती है, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह एक बेहतर विकल्प बन गई है.
कितनी होगी कमाई?
किसान अगर पंगेसियस (पंगस) मछली पालन करते हैं तो वह इस मछली का पालन कर तगड़ी आय अर्जित कर सकते हैं, क्योंकि यह प्रजाति किसानों को 5 से 6 महीनों में अच्छा उत्पादन देती है, जिसे किसान 1 एकड़ तालाब में औसतन 3 से 6 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह