आज के समय में जिस तरह से नौकरी सीमित होती जा रही है. वहीं, स्वरोजगार की ओर युवाओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में ब्रॉयलर पोल्ट्री फार्मिंग (मुर्गी पालन) Poultry farming ऐसा बिजनेस बनकर उभर रहा है, जो कम निवेश और कम समय में तगड़ा मुनाफा देता है और इसके पीछे का कारण है बढ़ती आबादी में प्रोटीन की मांग लगातार बढ़ना, जिसमें चिकन और अंडों की खपत तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि हर कोई इस मुनाफे वाले बिजनेस को अपना रहा है.
कम समय में ज्यादा मुनाफा
अगर आप ब्रॉयलर मुर्गी पालन शुरु करने की सोच रहे हैं, तो इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 20 से 25 दिनों के अंदर ही अच्छा रिटर्न मिलना शुरू हो जाता है. यदि कोई किसान या युवा 1000 चूजों (बर्ड्स) की यूनिट से शुरुआत करता है, तो वह एक साइकल में लगभग 30,000 से 40,000 रुपये तक का मुनाफा कमा सकता है. यह बिजनेस खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जो कम समय में नियमित आय चाहते हैं.
कितनी जगह और लागत की जरूरत?
पोल्ट्री फार्मिंग शुरू करने के लिए जगह और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद ही जरुरी है, जो इस प्रकार होना चाहिए-
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500 मुर्गियों के लिए: लगभग 600 स्क्वायर फीट जगह
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1000 मुर्गियों के लिए: करीब 1200 स्क्वायर फीट जगह
साथ ही बता दें कि फार्म तैयार करने में जाली, टीन/चादर, बांस या लोहे के ढांचे की जरूरत होती है. एक सामान्य शेड तैयार करने में करीब 1 लाख रुपये तक का खर्च आता है. वहीं,अगर शुरुआती निवेश की बात करें, तो चूजे (बच्चे) खरीदने का खर्च ₹22 से ₹65 प्रति चूजा होता है और दाना, दवाई और अन्य खर्च मिलाकर कुल शुरुआती लागत करीब 2 लाख रुपये तक होगी.
कितना होगा मुनाफा?
अगर आप 1000 मुर्गियों के साथ काम शुरू करते हैं और मृत्यु दर (Mortality Rate) 5% तक रहती है, तो यह बेहद अच्छा प्रदर्शन माना जाता है. यानी की 10% तक की मृत्यु दर भी सामान्य मानी जाती है. ऐसे में किसान या युवा 20-25 दिनों के एक साइकल में बड़ी आसानी से 30-40 हजार रुपये की बचत कर सकते हैं और साथ ही सालभर में कई साइकल चलाकर यह मुनाफा लाखों तक पहुंच सकता है.
इस बिजनेस में क्या जोखिम होते है?
इस बिजनेस में जहां मुनाफा है, वहीं थोड़ा जोखिम भी है. पोल्ट्री फार्मिंग में मुख्य जोखिम हैं, जो कुछ इस प्रकार है-
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बीमारी फैलने का खतरा
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मौसम का प्रभाव
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दाने की कीमतों में उतार-चढ़ाव
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इसलिए सही प्रबंधन, साफ-सफाई और समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है
लेखक: रवीना सिंह