Rabi Crop Farming: रबी मौसम की फसलों की बुआई हेतु खेत की अग्रिम तैयारी Escorts Kubota ने मनीष शर्मा को एग्री बिजनेस का प्रेसिडेंट नियुक्त किया, ट्रैक्टर और Agri Business की संभालेंगे जिम्मेदारी धान की फसल के लिए Dhanuka Agritech Limited ने पेश किया “Polin” फफूंदनाशी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 5 March, 2023 12:00 AM IST
लाल कंधारी गाय का पालन

देश में लाल कंधारी गाय महाराष्ट्र के कंधार तालुका में सबसे ज्यादा पाई जाती है. लेकिन अब इनकी संख्या अन्य राज्यों में भी बढ़ती जा रही है. किसान भी बड़ी संख्या में गाय पालन करते नजर आते हैं. ऐसे में इस गाय का पालन करना किसानों के लिए मुनाफे का सौदा माना जा रहा है, क्योंकि यह कम कीमत की गाय है और देखभाल भी ज्यादा नहीं करनी होती. ऐसा कहा जाता है कि गाय की इस नस्ल को चौथी सदी में कांधार के राजाओं ने विकसित किया था इसलिए इसे कंधारी गाय कहा जाता है. महाराष्ट्र और कोंकणी क्षेत्रों में इसे लखाल्बुंदा के नाम से भी जाना जाता है. 

लाल कंधारी गाय

जैसा कि नाम से ही साफ होता है की इस प्रजाति की गाय का रंग गहरा लाला या गहरा भूरा होता है. लंबे कान और मध्यम वनावट वाली लाल कंधारी गाय रोजाना डेढ़ से 4 लीटर तक दूध देती है. इसकी पहली ब्यांत की अवधि ही 30 से 45 दिन की होती है. जिसके बाद सालभर में 130 से 275 दिनों तक इस गाय से अच्छा दूध उत्पादन ले सकते हैं. 

छोटे किसानों के लिए लाभकारी

बता दें इस गाय की कीमत मात्र 40 से 50 हजार रुपये है, जो छोटे किसानों के लिए किफायती और लाभकारी साबित हो सकती है. छोटे किसानों के लिए ये इसलिए  भी लाभकारी है, क्योंकि लाल कंधारी गाय को देखभाल में ज्यादा समय बर्बाद नहीं होता और इसे खिलाने के लिए हमेशा हरे चारे की जरूरत भी नहीं पड़ती. 

ऐसे मिलेगा बेहतर दूध

वैसे तो लाल कंधारी गाय डेढ़ से 4 लीटर तक दूध देती है. जिससे किसान परिवारों की जरूरतें पूरा हो जाती है, लेकिन लाल कंधारी गाय के बेहतर स्वास्थ्य और अच्छी मात्रा में दूध उत्पादन के लिए सही प्रबंधन करने की सलाह भी दी जाती है.

किसान चाहें तो हरे चारे के अलावा फलीदार चारा, तूड़ी या अन्य दलहनी फसलों का चारा और तेल की खलियां भी खिला सकते हैं. गाय को बदहजमी की समस्या से बचाने के लिए संतुलित मात्रा में पोषक तत्व खिलायें.

यह भी पढ़ें: मध्य प्रदेश सरकार दे रही 1500 मुफ्त गायें, जाने क्या है योजना

लाल कंधारी गाय से मुनाफा

विशेषज्ञ के मुताबिक़ ये गाय साल के 275 दिनों तक दूध दे सकती है. और ये लगातार 4 लीटर रोजाना दूध देने की क्षमता रखती है. ऐसे में अगर इसका एक लीटर दूध 60 रुपये के हिसाब से बिकता है तो ये गाय साल में  275×4= 1,100 लीटर तक दूध दे सकती है. इससे पशुपालक आसानी से 1, 100×60= 66,000 रुपये आराम से कमा सकता है. इस तरह गायों की संख्या बढ़ाकर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

English Summary: Bumper earning in rearing red Kandhari cow, gives milk for so many days in a year
Published on: 05 March 2023, 06:20 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now