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Updated on: 6 November, 2026 12:00 AM IST
10 देसी गायों की डेयरी खोलने पर मिल सकता है 11 लाख रुपये तक अनुदान (Image Source-AI generate)

देश के किसान इस समय तेजी से पशुपालन की ओर बेहद ही तेजी से अग्रसर हो रहे हैं, क्योंकि पशुपालन किसानों की रीढ़ यानी की उनकी कमाई का एक बड़ा जरिया बन चुका है और लाखों किसान इस करोबार से जुड़कर बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं. इसी के चलते यूपी सरकार किसानों को 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट लगाने पर 11 लाख रुपये तक अनुदान प्रदान कर रही है. अगर आप इस सरकारी मदद का लाभ उठाना चाहते हैं, तो खबर को पूरा पढ़ें.

क्या है नंद बाबा मिशन?

उत्तर प्रदेश सरकार की नंद बाबा मिशन पहल का उद्देश्य राज्य में देसी गोवंश के संरक्षण, संवर्धन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है. इसके माध्यम से देसी नस्लों की गायों के पालन को प्रोत्साहित करने के साथ पशुपालकों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है. इस पहल के तहत देसी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने के इच्छुक पशुपालकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा मिल सकता है और किसानों को खेती के साथ आमदनी का एक अतिरिक्त स्रोत मिल सकता है.

10 गायों की डेयरी यूनिट पर कितना मिलेगा अनुदान?

नंद बाबा मिशन के तहत 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने पर पात्र लाभार्थियों को 11 लाख रुपये तक अनुदान मिलने की जानकारी सामने आई है. इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य डेयरी व्यवसाय की स्थापना में आने वाले शुरुआती निवेश का बोझ कम करना है.

दरअसल, डेयरी फार्म शुरू करने के लिए गायों की खरीद, पशु शेड का निर्माण, चारे की व्यवस्था, पानी, उपकरण और पशुओं की देखभाल पर काफी खर्च होता है. ऐसे में सरकारी सहायता मिलने से इच्छुक पशुपालकों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मदद मिल सकती है.

किन देसी नस्लों की गायों से शुरू कर सकते हैं डेयरी व्यवसाय?

डेयरी फार्मिंग में सफलता पाने के लिए गायों की सही नस्ल का चुनाव बेहद जरूरी है. पशुपालकों को ऐसी गायों का चयन करना चाहिए, जो अच्छी दूध उत्पादन क्षमता के साथ स्थानीय मौसम और उपलब्ध संसाधनों के अनुकूल हों.

कुछ प्रमुख देसी नस्लें इस प्रकार हैं:

  • साहिवाल गाय: साहिवाल भारत की प्रमुख देसी दुग्ध उत्पादक नस्लों में शामिल है. यह गर्म मौसम को सहन करने की क्षमता और अच्छी दूध उत्पादन क्षमता के लिए जानी जाती है.

  • रेड सिंधी गाय: रेड सिंधी अपने लाल रंग और गर्म जलवायु में अनुकूलन क्षमता के लिए पहचानी जाती है. इसे भी डेयरी व्यवसाय के लिए एक विकल्प माना जाता है.

नंद बाबा मिशन का लाभ लेने के लिए कहां करें संपर्क?

अगर आप भी 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करना चाहते हैं और इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपने जिले के पशुपालन विभाग से संपर्क करें. किसान अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) के कार्यालय में जाकर योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

वहां आपको आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, जरूरी दस्तावेज, निर्धारित आवेदन अवधि और अनुदान की शर्तों के बारे में जानकारी मिल सकती है.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Nand Baba Mission 10 Indigenous Cow Dairy Farm 11 lakh Subsidy Apply Online
Published on: 06 November 2026, 04:53 IST

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