भारत कृषि प्रधान देश है और यहां के किसान कई फसलों की पैदावार बड़े पैमाने पर करते हैं, लेकिन कई दफा ऐसा होता है कि हमारे छोटे और सीमांत किसान भाइयों को दो बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. पहली खेती की लागत का लगातार बढ़ना, और दूसरी फसल का सही दाम न मिलना, लेकिन क्या आपको पता है सरकार के पास इस परेशानी का समाधान है. हम बात कर रहे हैं FPO यानी फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन की. आज हम आपको बताएंगे कि आखिर FPO क्या होता है, आप इसकी शुरुआत कैसे कर सकते हैं और इसके लिए कहां आवेदन करना होगा.
FPO क्या होता है?
FPO का मतलब है किसान उत्पादक संगठन. सीधे शब्दों में कहें, तो यह किसानों का एक ऐसा समूह है, जो एक कंपनी या कोऑपरेटिव सोसाइटी की तरह काम करता है. यानी की आपने देखा होगा की कभी आप जब कभी आप बाजारों में खाद, बीज की खरीद करने के लिए जाते हैं, तो खेती का सामान रिटेल यानी महंगे दाम पर मिलता, जिससे किसानों की लागत अधित लग जाती है, लेकिन अगर किसान FPO बना लेते हैं, तो वे थोक में खाद-बीज सस्ते दामों पर खरीदते हैं और अपनी फसल को सीधे बड़ी कंपनियों या मंडियों में अच्छे दामों पर बेच सकते हैं.
FPO की शुरुआत कैसे करें?
अगर आप भी FPO की शुरुआत करने की सोच रहे हैं, तो इसकी शुरुआत करने की प्रक्रिया बेहद ही आसान हैं, जिसे आप इन तरीकों से समझ सकते हैं-
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किसानों को जोड़ना: अगर आप मैदानी इलाके में रहते हैं, तो आपके पास कम से कम 300 किसान सदस्य होने चाहिए. वहीं अगर आप पहाड़ी या उत्तर-पूर्वी राज्यों से हैं, तो न्यूनतम 100 किसानों का समूह होना जरूरी है. शुरुआत करने के लिए कम से कम 10 बोर्ड मेंबर्स या डायरेक्टर्स की जरूरत होती है.
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कंपनी रजिस्ट्रेशन: इस ग्रुप को आपको 'कंपनीज एक्ट' के तहत एक प्रोड्यूसर कंपनी के रूप में रजिस्टर कराना होगा. इसके लिए डायरेक्टर्स का पैन कार्ड, आधार कार्ड और डिजिटल सिग्नेचर (DSC) होना जरूरी है.
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बिजनेस प्लान: आपको यह तय करना होगा कि आपका FPO क्या काम करेगा. क्या आप सिर्फ अनाज बेचेंगे, या डेयरी, पोल्ट्री, ऑर्गेनिक फार्मिंग या फिर फूड प्रोसेसिंग (जैसे अचार, मुरब्बा, आटा बनाना) का बिजनेस करेंगे.
आवेदन कहाँ करें?
अक्सर हर किसान के मन में यह सवाल होता है कि FPO को रजिस्टर कहां करें, तो आपको बता दें कि इसके लिए आपको कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) की आधिकारिक वेबसाइट mca.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है. आप किसी भी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या कंपनी सेक्रेटरी (CS) की मदद से अपनी कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.
इसके अलावा, केंद्र सरकार की संस्थाएं जैसे SFAC (स्मॉल फार्मर्स एग्री-बिजनेस कंसोर्टियम) और नाबार्ड (NABARD) FPO को बढ़ावा देने के लिए नोडल एजेंसियां हैं. आप अपने जिले के मुख्य कृषि अधिकारी (Chief Agricultural Officer) या नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) में जाकर भी इसके लिए ऑफलाइन गाइडेंस और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
FPO की शुरुआत करने पर किसानों को क्या लाभ होगा?
अगर आप किसान है और अपने गांव के किसानों को शामिल कर FPO शुरु करने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपके लिए बेहद ही सही विकल्प साबित हो सकता है. यानी की इसकी मदद से आपको बड़ा लाभ हो सकता है इस प्रकार-
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उत्पादन लागत में कमी
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उपज का सही और बेहतर दाम
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वैल्यू एडिशन प्रोसेसिंग और ब्रांडिंग
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आसानी से ऋण और वित्तीय सहायता
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सरकारी योजनाओं का लाभ
लेखक: रवीना सिंह