आज के समय में सिर्फ खेती ही किसानों के लिए कमाई का जरिया नहीं रह गई है. यानी की किसान खेती के साथ ऐसे करोबार की तलाश में रहते हैं, जिसकी मदद में वह अपनी आमदनी में इजाफा कर सकें. ऐसे में अगर आप किसी मुनाफे वाले बिजनेस की तलाश में तो आपके लिए डेयरी व्यवसाय एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है, जिसकी शुरआत करने के लिए यूपी सरकार 11 लाख रुपये तक अनुदान भी मुहैया करा रही है. आइए आगे जानें कैसे उठा सकते हैं सब्सिडी का फायदा.
कितनी गायों की यूनिट लगाने पर मिलेगी सहायता?
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य के साथ सराकार ने नंद बाबा मिशन योजना की शुरुआत की जिसके तहत किसानों और पशुपालकों को डेयरी बिजनेस की शुरुआत करने पर भारी अनुदान प्रदान किया जा रहा है. अगर आप भी इस सरकारी योजना में इच्छुक है और योजना में आवेदन करना चाहते हैं, तो आप इस योजना के तहत 10 गायों की यूनिट स्थापित करने पर 11 लाख की मदद मुहैया कराई जाएंगी.
गाय की किस नस्ल का चुनाव करें?
आज के समय मेंं किसान सिर्फ खेती तक ही सीमित नहीं रह गए है और वह तेजी से दुग्ध उत्पादन की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और कम समय में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन इस करोबार की शुरुआत करते समय कुछ किसानों और पशुपालकों के मन में यह सवाल आता है कि किस गाय की नस्ल का चुनाव करें, जिनसे अधिक दुग्ध उत्पादन मिले. ऐसे में किसान और पशुपालक डेयरी करोबार की शुरुआत करने के लिए साहीवाल और रेड सिंधी जैसी देसी नस्लों का चुनाव करते हैं, तो इस करोबार के जरिए अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.
योजना का लाभ उठाने के लिए क्या पात्रता है?
अगर आप नंद बाबा मिशन योजना का फायदा उठाने की सोच रहे हैं, तो योजना में शामिल होने के लिए पात्रता क्या है यह जान लीजिए. अगर आप योजना में शामिल होना चाहते हैं, तो आपको यूपी का स्थायी निवासी होना जरुरी है और आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए. इसी के साथ इस योजना का लाभ केवल व्यक्तिगत रूप से दिया जाता है. किसी समूह, फर्म या संगठन को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा.
इसके अलावा, इस सरकारी योजना पर अनुदान का लाभ गाय की स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों जैसे- साहीवाल, गिर, थारपारकर, हरियाणा, गंगातीरी पर ही दिया जाएगा.
कैसे करें योजना में आवेदन?
अगर आपके डेयरी व्यवसाय शुरु करने का मन बना ही लिया है और जानना चाहते हैं कि किस तरह से योजना में आवेदन किया जाएगा, तो बता दें कि डेयरी बिजनेस की शुरुआत करने के लिए किसान और पशुपालक अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी या पशुपालन विभाग से संपर्क कर इस योजना के बारे में पूरी जानकारी लेकर आसानी के अप्लाई कर सकते हैं.
लेखक: रवीना सिंह