Subsidy on Farm Machinery: किसानों को खेती में मदद के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि यंत्रों पर अनुदान देने की योजना शुरू की है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक और उन्नत तकनीकों से जोड़ना है ताकि वे खेती को अधिक आसान और लाभदायक बना सकें. सरकार चाहती है कि किसान नए कृषि यंत्रों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाएं और अपनी आमदनी में सुधार करें. इस योजना के तहत ट्रैक्टर से चलने वाले और अन्य शक्ति-चालित कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जा रही है, जिसमें रोटावेटर, पावर टिलर, रीपर, मल्चर, सुपर सीडर, सीड ड्रिल, थ्रेशर, स्प्रेयर आदि शामिल हैं.
पहले आवेदन की अंतिम तिथि 26 मार्च 2025 तय की गई थी और चयन प्रक्रिया 27 मार्च 2025 को लॉटरी के माध्यम से होनी थी. लेकिन अब सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 8 अप्रैल 2025 कर दी है. अब किसान 8 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सभी प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के बाद 9 अप्रैल 2025 को लॉटरी के जरिए किसानों का चयन किया जाएगा. चयनित किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे. ऐसे में आइए इस खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं-
किसानों को कृषि यंत्रों पर कितना मिलेगा अनुदान?
इस योजना के तहत किसानों को उनकी श्रेणी (महिला, पुरुष, जाति वर्ग और भूमि की जोत) के अनुसार अलग-अलग दरों पर अनुदान दिया जाएगा. किसानों को 40% से 50% तक की सब्सिडी मिल सकती है. इच्छुक किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर जाकर सब्सिडी कैलकुलेटर के माध्यम से यह जान सकते हैं कि उन्हें किस कृषि यंत्र पर कितनी सब्सिडी मिलेगी.
किसानों को किन कृषि यंत्रों पर मिलेगा अनुदान?
किसानों को कई तरह के ट्रैक्टर और अन्य शक्ति-चालित यंत्रों पर अनुदान मिलेगा. इसके लिए आवेदन 27 फरवरी 2025 से 8 अप्रैल 2025 तक किया जा सकता है और 9 अप्रैल 2025 को लॉटरी प्रक्रिया के बाद किसानों का चयन होगा.
नीचे दिए गए कृषि यंत्रों पर अनुदान मिलेगा:
यंत्र का नाम |
डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) राशि (रुपयों में) |
बैकहो / बैकहो लोडर (35 HP ट्रैक्टर चालित) |
8000/- |
सब साइलर |
7500/- |
स्टोन पिकर |
7800/- |
रेज्ड बेड प्लान्टर विथ इन्क्लाइंड प्लेट प्लान्टर एंड शेपर |
6000/- |
पावर स्प्रेयर / बूम स्प्रेयर |
5000/- |
लेजर लेवलर |
6500/- |
फर्टिलाइजर ब्राडकास्टर |
5500/- |
पल्वेराइज़र (3 HP तक) |
7000/- |
पात्रता और शर्तें
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किसान के पास स्वयं के नाम पर ट्रैक्टर होना आवश्यक है.
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पिछले 5 वर्षों में इस योजना के तहत किसान ने कोई अनुदान नहीं लिया होना चाहिए.
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निर्धारित समय के भीतर खरीदे गए यंत्रों पर ही अनुदान दिया जाएगा.
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आवेदन करने के 7 दिनों के भीतर आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे.
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यदि आवेदन निरस्त हो जाता है, तो किसान अगले 6 महीनों तक आवेदन नहीं कर पाएंगे.
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किसान को केवल चयनित डीलर से ही कृषि यंत्र खरीदने होंगे.
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एक बार डीलर का चयन करने के बाद उसे बदला नहीं जा सकता.
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किसानों को भुगतान केवल बैंक ड्राफ्ट, चेक या ऑनलाइन बैंकिंग से ही करना होगा. नकद भुगतान मान्य नहीं होगा.
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आवेदन के साथ कृषक स्वयं के बैंक खाते से निम्नलिखित राशि का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) सम्बंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री (देखने हेतु क्लिक करें) के नाम से बनवाकर जमा करना अनिवार्य होगा
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योजना के तहत अपात्र किसानों को अनुदान नहीं दिया जाएगा.
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन करने के बाद किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे:
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आधार कार्ड की कॉपी
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बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की कॉपी
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जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों के लिए)
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बी-1 की प्रति
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बिजली कनेक्शन प्रमाण पत्र (सिंचाई उपकरणों के लिए)
जिला अधिकारी द्वारा इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही किसान को क्रय स्वीकृति आदेश जारी किया जाएगा.
कृषि यंत्र खरीदने की प्रक्रिया
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आवेदन करें: किसान ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर 27 फरवरी से 8 अप्रैल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.
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लॉटरी प्रक्रिया: 9 अप्रैल 2025 को लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा.
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डीलर का चयन: किसान को चयनित डीलर से ही कृषि यंत्र खरीदना होगा.
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सामग्री का क्रय: क्रय स्वीकृति आदेश जारी होने के 20 दिनों के भीतर सामग्री खरीदनी होगी.
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भौतिक सत्यापन: डीलर द्वारा यंत्र की आपूर्ति और दस्तावेज अपलोड करने के 7 दिनों के भीतर विभाग द्वारा सत्यापन किया जाएगा.
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अनुदान प्राप्ति: यदि सत्यापन सफल होता है, तो किसान को अनुदान का लाभ मिलेगा.
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