Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 26 December, 2019 12:00 AM IST

किसानों को अब खेती के क्षेत्र में कोई समस्या आने पर परेशान होने की जरुरत नहहीं है, क्योंकि सरकार किसानों हित में लगातार कई अहम कदम उठा रही हैं. जिससे उनकी आमदनी भी बढ़ेगी. इसी कड़ी में मोदी सरकार ने नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट यानी ई-नाम स्कीम (e-Nam Mandi)  की शुरुआत की. इस स्कीम से किसान और खरीदार के बीच से दलाली खत्म कर दी है. जिसका लाभ किसानों से लेकर ग्राहकों को मिल रहा है. इस स्कीम का उद्देश्य है कि देश का हर एक राज्य में मंडी बने. इससे लाभ ये होगा कि किसी भी राज्य का किसान अपनी उपज दूसरे किसी भी राज्य में बेच सकता है. इस तरह कृषि उपज को लाने- ले जाने और मार्केटिंग करने में आसानी होगी.

जानिए ई-नाम स्कीम से जुड़ी बातें

ई-नाम एक इलेक्ट्रॉनिक कृषि पोर्टल है, जोकि भारत में मौजूद एग्री प्रोडक्ट मार्केटिंग कमेटी को एक नेटवर्क में जोड़ रहा है. जिसका मकसद एग्रीकल्चर प्रोडक्ट के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक बाजार उपलब्ध करवाना है. ई-नाम से किसान तेजी से जुड़ रहे हैं. देश के करीब 18 राज्यों में इसका संचालन हो रहा है. इस स्कीम में देश के विभिन्न  राज्यों में स्थित कृषि उपज मंडी को इंटरनेट के जरिए जोड़ा गया है. इससे देश की करीब 585 मंडियां जुड़ी है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक,  इस स्कीम से करीब के 1,65,73,893 किसान जुड़े हैं, जबकि साल 2017 तक सिर्फ 17 हजार किसान ही जुड़ पाए थे, लेकिन अब संख्या बढ़ती जा रही है.

किसान को मिली राहत

किसानों की सबसे बड़ी समस्या बाजार और उत्पाद का अच्छा दाम मिलना है. वह कड़ी मेहनत से फसल तैयार करता है, लेकिन जब फसल तैयार होकर बाजार में जाती है, तो वहां फसल का औना–पौना दाम लगता है. जिससे किसान को परेशान होना पड़ता है. सरकार ने किसानों के इस दर्द को समझा और देशभर में फसलों की ऑनलाइन बिकवाली के लिए ई-मंडी खोल दी. इसकी शुरुआत 14 अप्रैल 2016 को हुई. जिसके बाद किसान अब बिचौलियों और आढ़तियों पर निर्भर नहीं हैं. इसका सीधा लाभ किसानों से लेकर ग्राहकों को मिलेगा.

ई-नाम से जुड़ने का तरीका

अगर कोई किसान इस स्कीम का लाभ उठाना चाहता है, तो सबसे पहले उसे सरकार की ओर से जारी की गई वेबसाइट www.enam.gov.in पर जाना  होगा.  इसके बाद रजिस्ट्रेशन टाइप करना होगा. वहां किसान (Farmer) का एक ऑप्शन आएगा. फिर आपको अपनी ई-मेल आईडी देना होगी. इसमें आपको ई-मेल के जरिए लोगिन आईडी ओर पासवर्ड का मेल आएगा.  इसके बाद आपको टैंपरेरी ई-मेल आईडी और पासवर्ड मिलेगा. फिर आप www.enam.gov.in की वेबसाइट पर लॉगिन कर डैशबोर्ड पर आप अपने KYC डॉक्युमेंट से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. जैसे ही APMC आपके KYC को अप्रूव करेगा. वैसे ही आप अपना कारोबार शुरू कर पाएंगे.

English Summary: how to register for e nam scheme
Published on: 26 December 2019, 05:31 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now