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काश ! गंगा को मां नहीं सिर्फ नदी मान लेते हम लोग !

राम तेरी गंगा मैली हो गई, पापियों के पाप धोते-धोते..! कल जब इस गीत को सुना तो इच्छा हुई कि फिल्म भी देख ली जाए. संडे का दिन था, इंटरनेट की कोई सीमा नह…

क्या कहते हैं धर्मग्रंथ और क्या कर रहे हैं हम ?

मैं हिंदू हूं, तू मुसलमान, ये सिक्ख और वो देखो - ईसाई. ये तो हो गए धर्म. अब आते हैं जात पर. मैं ब्राह्मण हूं, तू क्षत्रिय, ये वैश्य है और वो तो शुद्र…

गुरुद्वारे के गुरुद्वारे तक !

भगवान से नहीं पंडितों से परेशान हूं, अल्लाह से नहीं मौलवियों से हताश हूं लेकिन राहत मिलती है जब गुरुद्धारे को देखता हूं. कहने को तो वहां भी पंथी होते…