Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 8 September, 2023 12:00 AM IST
Ayurvedic medicines

भारतीय परंपरा में आयुर्वेदिक दवाओं का प्रचलन काफी लंबे समय से हो रहा है. यह विश्व की प्राचीन चिकित्सा पद्धति में से एक है. आयुर्वेद का संबंध मानव शरीर को स्वस्थ और रोग मुक्त रखने से है. यह तकनीक भारत के अलावा नेपाल, श्रीलंका और म्यांमार जैसे देशों में भी बहुत प्रचलित है.

आयुर्वेद का प्रभाव

आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का हमारे शरीर पर कोई भी दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है. यह एक प्राचीन चिकित्सा विज्ञान है, जो पिछले 6,000 वर्षों से भारत और इसके पड़ोसी देशों में प्रचलित है. यह संस्कृत से लिया हुआ एक शब्द है. आयुर्वेद का उल्लेख कई सदियों से होता आ रहा है और हम इसको वेदों और पुराणों की कहानियों में भी सुनते आ रहे हैं.

क्या है शिरोधारा

शिरोधारा का अर्थ है- सिर की धारा. इसके माध्यम से माथे के बीच में तेल का प्रवाह कर हमारे शरीर में होने वाले विभिन्न प्रकार के विकारों को दूर किया जाता है. अगर आपके सिर में प्राय: दर्द होता है तो इस विधि को आपको जरुर अपनाना चाहिए. इसके अलावा यह पद्धति हमारे शरीर के विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाने में सहायक होती है. यह लंबे समय से होने वाले सिरदर्द, अनिद्रा, डिप्रेशन, आंखों की रोशनी कम होना. शरीर में कमजोरी आना और याददाश्त कम होना आदि जैसी समस्य़ाओं का इलाज करने के लिए उपयोग किया जाता है.

ये भी पढे़ं: नीम की पत्तियों के जानें गुण, आपकी त्वचा पर लाएगी चमक

आधुनिक युग में आयुर्वेद का महत्व

आज की इस दौड़ भाग भरी जिंदगी में लोगों के पास खुद के लिए समय नहीं रहता है और पैसों के चक्कर में इंसान अपने परिवार और चाहने वालों से दूर रहता है. ऐसे में अनिद्रा, मानिसक असंतुलन, चिड़चिड़ापन और तमाम प्रकार की मानसिक बीमारियां फैलती जा रही हैं. ऐसे में इन रोगों के इलाज के लिए आज भी लोग अंग्रेजी दवाओं के बजाय यह आयुर्वेदिक तरीकों को ही अपनाना चाह रहे हैं. इस वैज्ञानिक युग में भी लोग पुरानी परंपरा को भी अपनाना चाह रहे हैं.  

English Summary: Importance of Ayurvedic medicines in modern era
Published on: 08 September 2023, 06:25 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now