Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 22 December, 2020 12:00 AM IST
Cinnamon

दालचीनी (Cinnamon) के महत्व को आप कितना समझते हैं? क्या आपके लिए भी दालचीनी सिर्फ भोजन में पड़ने वाला मसाला भर है? अगर हां, तो आज हम आपको बताने वाले हैं कि दालचीनी कोई आम मसाला नहीं, बल्कि साक्षात आयुर्वेद का खजाना है. चलिए दालचीनी के बारे में कुछ रोचक तथ्यों से आपको अवगत कराते हैं.

यहां से मिलती है दालचीनी

गौरतलब है कि दालचीनी तेजपात के वृक्ष की छाल से हमे प्राप्त होती है. इसकी लकड़ी बहुत पतली, पीली, और खुश्बूदार होती है. इसके फूल छोटे औरहरे या सफेद रंग के होते हैं. इसकी पत्तियों को मलने परउसमें से तीखी गंध आती है.

अन्य भाषाओं में नाम

दालचीनी को अंग्रेजी में सिनामोन (Cinnamon) और संस्कृत मेंदारुसिता के नाम से जाना जाता है. वहीं उर्दू में इसे चोचम यावराङ्ग कहा जाता है. अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसके अलग-अलग नाम होते हैं.

हिचकी में आराम

हिचकी आना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई बार हिचकी बहुत देर तक बिना रूके आने लग जाती है. बिना रूके हिचकी का आना आपकी सेहत के लिए हानिकारक है, ऐसे में आपको दालचीनी का सेवन करना चाहिए. दालचीनी कोकाढ़े के रूप में पीने से हिचकी की शिकायत दूर होती है.

भूख को बढ़ाने में सहायक

कई लोगों की सेहत इसलिए भी खराब रहती है, क्योंकि उन्हें समय पर भूख नहीं लगती. ऐसे लोग आम तौर पर शारारिक रूप से भी दुबले-पतले रहते हैं. ऐसे लोगों को दालचीनी पीसकरखाना चाहिए. इससे भूख बढ़ती है और शरीर का भरता है.

उल्टी में राहत

अगर सफर के दौरान आपको बार उल्टी आ रही है तो आपको दालचीनी का सेवन करना चाहिए. उल्टी के समय दालचीनी और लौंग के काढ़ेके सेवन से राहत मिलती है और आप आराम महसूस करते हैं.

सर्दियों में दालचीनी का उपयोग

सर्दियों के दिनों में दालचीनी का सेवन करना आपकी सेगत के लिए फायदेमंद है. आयुर्वेद के मुताबिक ठंड के दिनों में इसके चाय या काढ़ेसे आपके शरीर को गर्माहट मिलती है. सामान्य चाय में भी अगर थोड़ी सी दालचीनी डाल दी जाए, तो चाय की शक्ति बढ़ जाती है. अगर आपको खांसी या जुकाम है, तो इसका काढ़ा आपको पीना चाहिए.

वजन कम करने में सहायक

विशेषज्ञों के मुताबिक मेटाबॉलिज्म को कम करने में दालचीनी सहायक है. इससे आपका वजन नियंत्रित हो सकता है. इसके लिए आप दालचीनी पाउडर से बने काढ़े का सेवन कर सकते हैं. इसका काढ़ा आपके शरीर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए, अनचाहे वसा को थोड़ा-थोड़ा करके कम करता है. व्यायाम (work out) के साथ-साथ दालचीनी का सेवन करते रहना चाहिए.

इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक

दालचीनी को इम्यूनिटी (Immunity) के लिए अच्छा माना गया है, विशेषकर इससे बनने वाला काढ़ा आपको कई बीमारियों से बचा सकता है. इसकी महत्वता को इसी बात से जाना जा सकता है कि खुद आयुष मंत्रालय भी हर्बल काढ़े के रूप में इसको मान्यता दे चुका है. सर्दियों के मौसम में होने वाली कई बीमारियों, जैसे- सर्दी-खांसी, गले में खराश आदि को दूर करने में ये सहायक है.

English Summary: cinnamon is very good for your health know more about cinnamon tips
Published on: 22 December 2020, 06:26 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now