अक्सर महिलाएं जब कभी भी अपने हाथों या फिर बालों में मेहंदी लगाती है, तो उनके मन में कई सवाल आते हैं कि कई इस बाजार से खरीदी हुई महंदी में मिलावट तो नहीं, क्योंकि अक्सर मिलावट की खबर देखने को मिल ही जाती है. इसी के चलते अब आपको बाजारों में मिलने वाली मिलावटी महंदी को लगाने की कोई जरुरत नहीं है. अब अपने घर के होम गार्डन में आसानी से उगाएं ताजा मेहंदी और बिना किसी टेंशन के करें इस्तेमाल. जानें इस पौधे को उगाने के आसान टिप्स.
सबसे पहले सही गमला और मिट्टी चुनें
मेहंदी का पौधा लगाने के लिए बहुत छोटा गमला इस्तेमाल करने से बचें. शुरुआत में करीब 12 से 14 इंच गहरा गमला बेहतर रहेगा. गमले के नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद जरूर होने चाहिए. साथ ही मेहंदी को ऐसी मिट्टी पसंद आती है जिसमें पानी जमा न हो. आप मिट्टी तैयार करने के लिए लगभग 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट या पुरानी गोबर की खाद और 20 प्रतिशत रेत मिला सकते हैं. इससे मिट्टी हल्की और भुरभुरी रहेगी तथा जड़ों तक हवा आसानी से पहुंच सकेगी.
मेहंदी को भरपूर धूप दिखाएं
मेहंदी गर्म और धूप पसंद करने वाला पौधा है. इसलिए इसे घर के किसी ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां उसे पर्याप्त सीधी धूप मिल सके और कोशिश करें कि पौधे को रोजाना करीब 5 से 6 घंटे सीधी धूप मिले. पर्याप्त रोशनी मिलने से पौधे में नई शाखाएं निकलने में मदद मिलती है और पत्तियों का विकास भी बेहतर हो सकता है.
पौधे को घना बनाने के लिए करें पिंचिंग और प्रूनिंग
अगर आप मेहंदी के पौधे को सिर्फ लंबा नहीं, बल्कि घना और झाड़ीदार बनाना चाहते हैं, तो यह तरीका आपके सबसे ज्यादा काम आ सकता है. जब पौधा थोड़ा बड़ा हो जाए, तो उसकी ऊपर की कोमल टहनियों और नई बढ़त को हल्के हाथ से पिंच करें. इससे पौधे को नीचे की तरफ नई शाखाएं विकसित करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है. समय-समय पर हल्की प्रूनिंग करने से पौधे का आकार भी नियंत्रित रहता है.
हालांकि, एक साथ बहुत ज्यादा शाखाएं न काटें. पौधे की स्थिति और मौसम के अनुसार हल्की छंटाई करना बेहतर रहता है.
रोज-रोज पानी देने की जरूरत नहीं
मेहंदी के पौधे के लिए पानी का सही प्रबंधन बेहद जरूरी है. जरूरत से ज्यादा पानी देने पर गमले की मिट्टी लगातार गीली रह सकती है, जिससे जड़ों में सड़न की समस्या आ सकती है. ऐसे में इस बात का विशेष ख्याल रखें की अगर गमले की ऊपरी 1 से 2 इंच मिट्टी पूरी तरह सूखी दें तो तभी पौधों को पानी दें. यानी की सिर्फ मिट्टी में नमी बरकरार रखने के लिए ही हल्का पानी देते रहें.
पौधों का कीटों से बचाव कैसे करें?
अगर आप अपने घर के गार्डन में मेहंदी के पौधे लगा रहे हैं तो ऐसे में रसायन युक्त फर्टिलाइजर का उपयोग नहीं करें. इसकी जगह अपने पौधों में हर 20 से 25 दिनों में एक मुट्ठी केंचुआ खाद (Vermicompost) या नीम खली का पाउडर को डालकर आप अपने पौधों का कीटों से बचाव बेहद आसानी से कर सकते हैं, जिससे पौधों ग्रोथ भी तेजी से होगी और पौधे स्वस्थ रहेंगे.
लेखक: रवीना सिंह