RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 16 January, 2020 12:00 AM IST

कहते हैं शौक और जूनून हो, तो उम्र और समय मायने नहीं रखते. इसी की मिसाल कायम करते हुए एक 46 वर्षीय बागवान ने कमाल कर दिखाया है. अपने हुनर और शौक के ज़रिए ही बागवान ने खेती और बागवानों को प्रोत्साहित किया है. इसके साथ ही नई तकनीक (farming techniques) को खेती और बागवानी का हिस्सा बनाकर किस तरह ज़्यादा उत्पादन और मुनाफ़ा कमाया जा सके, इसका उदाहरण भी उन्होंने दिया है.

हम बात कर रहे हैं Paul Barnett की. इंग्लैंड के Chichester शहर के Chidham में रहने वाले पॉल बर्नेट को बागवानी का बड़ा शौक था. आपको बता दें कि पॉल को सेब के पेड़ से काफी लगाव था. वो चाहते थे कि उनके पास सेब की हर किस्म का पेड़ हो लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया.

सेब की अलग-अलग किस्मों के पेड़ों की बागवानी के लिए एक एकड़ से ज़्यादा की ज़मीन तो चाहिए ही थी, जो पॉल के पास उस समय नहीं थी. ऐसे में उन्होंने अपनी चाहत पूरी करने के लिए 250 सेब की अलग-अलग किस्मों को एक ही पेड़ में शामिल करने का फैसला किया और यही वजह है कि उन्होंने एक ही सेब का पेड़ लगाया और 25 सालों तक उसकी अच्छी देखभाल भी की.

पॉल ने अपनाया ये तरीका

सेब के पेड़ पर पॉल ने कई किस्म के सेब के पौधों से सफलतापूर्वक टिशू तैयार किए. अपने मन मुताबिक सेब के स्वाद, उसके आकार और रंग पर काम कर उसका चुनाव करने के बाद ही पॉल ने ग्राफ्टिंग के ज़रिए तैयार किए गए सभी किस्मों के पौधों को एक ही पेड़ पर उतारा. वहीं आज के समय में उस पेड़ पर कुल मिलकार 250 अलग-अलग किस्म वाले सेब निकलते हैं. इस तरह पॉल ने अपनी मेहनत और लगन से अपने सपने को पूरा किया और उस एक पेड़ से कई किस्म के सेबों का उत्पादन ले रहे हैं.

ये भी पढ़ें: गाँव हो तो ऐसा! पहाड़ों पर उन्नत खेती, सिंचाई साधन के साथ बेटियों का सुरक्षित भविष्य

English Summary: farmer produces 250 varieties of apples from a single tree via grafting and tissue culture
Published on: 16 January 2020, 01:53 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now