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Updated on: 7 August, 2026 12:00 AM IST
बरसात में पशुओं को बीमारियों से कैसे बचाएं? (Image Source-AI generate)

देशभर में बारिश का कहर जारी है और इस दौरान सबसे बड़ी परेशानी पशुपालकों के सामने आती है, क्योंकि बारिश के मौसम में नमी होने के कारण पशुओं में निमोनिया, दस्त, बुखार, त्वचा संक्रमण और खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ जाता है. ऐसे में गाय- भैस इन बीमारियों से ग्रस्त हो सकती है और बीमार होने की वजह से यह दुधारू पशु दूध देना बंद कर देते हैं और उनकी सेहत खराब हो सकती है. इसी के चलते पशुपालक अपने पशुओं की इस मानसून के मौसम में इस तरह से करें सही देखभाल.

1. पशुओं के रहने की जगह रखें साफ और सूखी

बरसात में सबसे पहले पशुशाला की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए. जहां पशु बांधे जाते हैं, वहां पानी जमा नहीं होना चाहिए. गीली और कीचड़ वाली जगह बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होती है.

पशुशाला का फर्श ऊंचा और ढलान वाला होना चाहिए ताकि वर्षा का पानी आसानी से बाहर निकल जाए. नियमित रूप से गोबर और गंदगी की सफाई करें तथा समय-समय पर कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव करते रहें.

2. पशओं का समय पर टीकाकरण कराएं

बरसात के मौसम में कई संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए मौसम शुरू होने से पहले या शुरुआती दिनों में ही पशु चिकित्सक की सलाह लेकर आवश्यक टीके लगवाना बेहद जरूरी है.

विशेष रूप से गलघोंटू (HS) और खुरपका-मुंहपका (FMD) जैसी बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण पशुओं की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है. समय पर लगाए गए टीके न केवल बीमारी से बचाते हैं बल्कि बड़े आर्थिक नुकसान से भी रक्षा करते हैं.

3. बीमार पशु को अलग रखें

अगर किसी पशु में बुखार, मुंह से लार गिरना, खांसी, खाने में कमी या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत अन्य पशुओं से अलग कर दें. इससे बीमारी पूरे झुंड में फैलने से रोकी जा सकती है. बिना देरी किए पशु चिकित्सक से संपर्क करें और उनकी सलाह के अनुसार उपचार शुरू करें. स्वयं दवा देने से बचें.

4. चारा और पानी की गुणवत्ता पर दें विशेष ध्यान

बरसात के मौसम में चारे में नमी आने से फफूंद लगने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसा चारा पशुओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. साथ ही हमेशा सूखा, ताजा और पौष्टिक चारा ही खिलाएं. दाना और भूसा ऐसी जगह रखें जहां नमी न पहुंचे. इसके साथ ही पशुओं को हमेशा साफ और ताजा पानी पिलाएं. गंदा या दूषित पानी कई प्रकार के संक्रमण फैला सकता है.

मच्छरों और मक्खियों से करें बचाव

बरसात के मौसम में मक्खियां, मच्छर और अन्य कीट तेजी से बढ़ते हैं. ये कई संक्रामक बीमारियों के वाहक होते हैं और पशुओं को परेशान भी करते हैं. ऐसे में पशुशाला के आसपास पानी जमा न होने दें. मक्खी और मच्छर नियंत्रण के लिए सुरक्षित कीटनाशकों का उपयोग करें तथा समय-समय पर सफाई करते रहें. यदि संभव हो तो पशुशाला में जाली या अन्य सुरक्षा उपाय भी अपनाएं.

लेखक: रवीना सिंह

English Summary: Animal Husbandry Livestock Monsoon Diseases Prevention Tips
Published on: 07 August 2026, 12:30 IST

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