Beekeeping Business: किसानों की आय बढ़ाने और फसल उत्पादन में वृद्धि करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने ‘मधुमक्खी पालन एवं मधु उत्पादन कार्यक्रम (राज्य योजना) 2024-25’ की घोषणा की है. यह योजना राज्य के 15 जिलों—अरवल, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, जहानाबाद, कैमूर, लखीसराय, मधेपुरा, नवादा, सारण, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी, सिवान और सुपौल—में लागू होगी. इस योजना के तहत नये मधुमक्खी पालकों को 10 से 20 बक्सों के साथ मधु निष्कासन यंत्र और फूड ग्रेड कंटेनर भी उपलब्ध कराया जाएगा.
सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 75% अनुदान मिलेगा, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को 90% तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन और OTP आधारित होगी. ऐसे में आइए इस ख़बर के बारे में विस्तार से जानते हैं-
मधुमक्खी पालन से बढ़ेगी किसानों की आमदनी
मधुमक्खी पालन कृषि के क्षेत्र में एक लाभकारी व्यवसाय साबित हो सकता है. मधुमक्खियां परागण में सहायक होती हैं, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़ती है. इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने ‘मधुमक्खी पालन एवं मधु उत्पादन कार्यक्रम (राज्य योजना) 2024-25’ की शुरुआत की है.
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को मधु उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय को बढ़ाना है.
विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमक्खी पालन से फसल उत्पादन में 20-25% तक वृद्धि देखी जा सकती है. इसके अलावा, मधुमक्खी पालन से किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्राप्त होता है, जिससे वे अन्य कृषि कार्यों में भी निवेश कर सकते हैं.
योजना के तहत मिलने वाले लाभ
‘मधुमक्खी पालन एवं मधु उत्पादन कार्यक्रम (राज्य योजना) 2024-25’ योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को 10 से 20 मधुमक्खी बक्से दिए जाएंगे. इसके अलावा, 20 बक्सों के लिए एक मधु निष्कासन यंत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा. मधु निष्कासन यंत्र की कीमत ₹20,000 है, जिस पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 75% अनुदान मिलेगा, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को 90% तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी.
वहीं, मधुमक्खी बक्से और कॉलोनी की इकाई दर ₹4,000 तय की गई है. 50 किलोग्राम क्षमता वाले फूड ग्रेड कंटेनर की कीमत ₹8,000 रखी गई है, जिस पर सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 75% अनुदान मिलेगा, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को 90% तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी. यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए फायदेमंद होगी, जो कम लागत में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं.
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
यह योजना केवल नए मधुमक्खी पालकों के लिए लागू की गई है. वे किसान जो पिछले तीन वर्षों में इस योजना का लाभ ले चुके हैं, उन्हें इस वर्ष इसका लाभ नहीं मिलेगा. साथ ही, योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्राधिकृत संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा. यह प्रशिक्षण किसानों को मधुमक्खी पालन की तकनीकों, मधु उत्पादन, और बाजार में विपणन के तरीकों के बारे में जानकारी देगा.
लॉटरी के माध्यम से होगा चयन
योजना के लाभार्थियों का चयन लॉटरी प्रणाली के आधार पर किया जाएगा. यानी आवेदन करने के बाद सभी इच्छुक किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि भाग्यशाली चयनित किसानों को ही इसका फायदा मिलेगा. यह प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी प्रकार की धांधली से बचने के लिए पूरी तरह से डिजिटल तरीके से संचालित की जाएगी.
आवेदन कैसे करें?
योजना के लिए आवेदन करने के इच्छुक किसान लिंक पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की प्रक्रिया में OTP आधारित सत्यापन अनिवार्य है. आवेदन के बाद चयनित किसानों को आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे, जिनमें आधार कार्ड, भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र शामिल हैं.