भूरे फुदके का समाधान ओसवाल केमिकल के पास - रमेश बंसल

 

मानसून एग्रो कृषि रसायन क्षेत्र की एक जानी मानी कंपनी है जो कृषि रसायनों का फोर्मुलेशन करती है. यह कंपनी उच्च गुणवत्ता वाले कीटनाशक खरपतवारनाशक फफूंदीनाशक और प्लांट ग्रोथ प्रमोटर का निर्माण करती है. इस समय यह कंपनी उत्तर भारत में कार्य कर रही है. कंपनी ने किसानों के बीच में अपनी एक अलग पहचान बनाई  है. मानसून एग्रो के प्रबंध निदेशक रमेश बंसल ने कृषि जागरण से वार्तालाप करते हुए कंपनी के विषय में बताया.  

पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश..

रमेश बसंल बताते हैं कि ओसवाल कृषि रसायन प्राइवेट लिमिटेड जो कि मानसून एग्रो की सहयोगी कंपनी है. इसकी शुरुआत साल 2008 में हुई थी. शुरुआत में ओसवाल कृषि रसायन ने 30 से 35 उत्पादों को किसानों की सेवा में दिया और अब कंपनी के पास 136 से अधिक फसल सुरक्षा उत्पाद किसानों के लिए मुहैया करा रही है. इन उत्पादों के परिणाम को देखते हुए किसानों से सकारात्मक प्रतिक्रिया आ रही है. उन्होंने कंपनी के उत्पाद ब्लैक गोल्ड के विषय में बताया कि यह उत्पाद धान में लगने वाले भूरे फुदके को खत्म कर देती हैद्य यदि देखा जाए तो भूरे फुदके पर किसी अन्य कंपनी के कीटनाशक पूरी तरह से कारगर नही है. 

कंपनी द्वारा टेक्निकल बनाए जाने और भारत में एग्रो केमिकल आयात नीति पर उन्होने कहा कि हमारी कंपनी अभी टेक्निकल उत्पादों में नहीं है हम सिर्फ फोर्मुलेटेड कृषि रसायनों में ही डील करते हैं. आने वाले कुछ सालों में कंपनी अपने टेक्निकल निर्माण करने लगेगी. इसके लिए कंपनी अपना प्लांट लगाने कि तैयारी में है. वो कहते हैं कि भारत में चीन से टेक्निकल आयात का पूरी तरह से विरोध करना चाहिए. बल्कि हमें अपने देश में खुद कृषि रसायन का निर्माण करना चाहिए. अपनी कंपनी के विषय में बताते हुए रमेश बंसल ने कहा कि हमारी एक बायोलैब पंजाब के डेरा बस्सी में तैयार हो रही है. 

रमेश बंसल के अनुसार सरकार देश में टेक्निकल निर्माण हेतु अनुसधान एवं विकास केंद्र के लिए फंडिंग के रूप में कोई खास मदद नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि देश में टेक्निकल के निर्माण के लिए देश में एक बड़े निवेश की  जरुरत है. लेकिन इसमें सरकार कोई खास रूचि नही दिखा रही है. 

हमारी कोशिश है कि हम विदेशी कंपनियों के साथ अलग-अलग कृषि रसायनों के क्षेत्र में तालमेल की प्रक्रिया में है.  बहुत जल्द कंपनी 4-5 नए उत्पाद मार्किट में लांच करने जा रही है.रमेश बंसल बताते है कि हमारी कंपनी समय-समय पर किसानों को कृषि की आधुनिक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन करती रहती है. इसके लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की गई है. 

फिलहाल कंपनी उत्तर भारत के 6 राज्यों हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कार्य कर रही है. भविष्य में यह कंपनी दक्षिण राज्यों में किसानों की सेवा के लिए आगे कदम बढ़ा रही है. फिलहाल कंपनी का टर्नओवर 80 करोड़ है अगले साल 120 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है. कंपनी के मुख्य उत्पाद टैंगो, ब्लैक गोल्ड, फ्लाइट सैट-वैट, डप्ज्-मैजिक, हंटर डायमंड गोल्ड आदि है. कंपनी मुख्य रूप से धान, सब्जी, कपास, गन्ना और आम पर ध्यान केन्द्रित कर रही है. 

जीएसटी के विषय में पूछे जाने पर रमेश बसंल ने कहा कि इसका हमारे व्यापार पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि पहले भी हम इतना ही टैक्स सरकार को देते थे. लेकिन किसानों पर इसका प्रभाव अवश्य पड़ेगा. उन्होंने किसानों को सन्देश देते हुए बोला कि किसानों को गुणवत्ता वाले उत्पाद खरीदने चाहिए और डीलर डिस्ट्रीब्यूटर से बिल अवश्य लेना चाहिए.

-इमरान खान  

 

 

 

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