आज के समय में जिस तरह से महंगाई बढ़ती जा रही है. ऐसे में लोग होम गार्डनिंग की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और वह बाजारों से हरी सब्जी ना खरीद कर घर की छत, बालकनी या खिड़की के पास रखे गमलों और ग्रो-बैग में भी कई तरह की सब्जियां को उगा रहे हैं. अगर आप भी होम गार्डनिंग के शौकीन है और इन सर्दियों घर के गमलों में सब्जी उगाने की सोच रहे हैं, तो पालक, मेथी और ब्रोकली आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं. इन सब्जियों को सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियमित देखभाल के साथ गमलों में उगाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि घर पर इन तीनों सब्जियों की खेती कैसे करें और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
पालक
पालक एक लोकप्रिय हरी पत्तेदार सब्जी है, जिसका इस्तेमाल साग, सब्जी, पराठे और कई अन्य व्यंजन बनाने में किया जाता है. इसकी खास बात यह है कि इसे घर पर गमले या ग्रो-बैग में आसानी से उगाया जा सकता है. पालक की कई किस्में कम समय में पत्तियां देना शुरू कर देती हैं, इसलिए घरेलू बागवानी के लिए यह एक अच्छा विकल्प है.
कैसे उगाएं पालक?
पालक उगाने के लिए आप ऐसा गमला या ग्रो-बैग चुनें जिसमें पानी निकलने की उचित व्यवस्था हो. इसमें भुरभुरी और उपजाऊ मिट्टी भरें. मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद मिलाने से पौधों की बढ़वार में मदद मिल सकती है. इसके बाद पालक के बीजों को लगभग 1 से 1.5 सेंटीमीटर गहराई पर बोएं और ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें और बीज बुवाई और कटाई इस तरह से करें-
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बीज बोने के बाद मिट्टी में हल्का पानी दें. ध्यान रखें कि मिट्टी में नमी बनी रहे, लेकिन पानी जमा न हो. बीजों के अंकुरित होने के बाद पौधों को पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर रखें.
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पालक की कटाई आमतौर पर बुवाई के लगभग 25 से 40 दिनों बाद की जा सकती है. हालांकि, यह अवधि किस्म, मौसम और देखभाल पर निर्भर करती है. पत्तियों को सावधानी से काटने पर पौधा दोबारा नई पत्तियां दे सकता है.
मेथी
अगर आप घर के होम गार्डन में मेथी उगाने की सोच रहे हैं, तो यह एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. इसकी पत्तियों का उपयोग सब्जी, पराठे, दाल और अन्य व्यंजनों में किया जाता है. मेथी को उगाने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती है. ऐसे में आप सामान्य देखभाल से भी अच्छी पत्तियां प्राप्त कर सकते हैं.
मेथी उगाने का तरीका
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मेथी की बुवाई के लिए आप चौड़े और कम गहराई वाले गमले या ग्रो-बैग का इस्तेमाल करें, जिनमें जल निकासी के लिए छेद जरूर होने चाहिए. साथ ही मिट्टी को उपजाऊ और भुरभुरा बनाएं, फिर मेथी के बीजों को लगभग 1 से 2 सेंटीमीटर गहराई में बो दें.
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मेथी के बीज सामान्य परिस्थितियों में लगभग 3 से 7 दिनों में अंकुरित हो सकते हैं. अनुकूल मौसम और पर्याप्त नमी मिलने पर पौधों की बढ़वार तेजी से होती है. मेथी की कोमल पत्तियां लगभग 20 से 30 दिनों में काटने लायक हो सकती हैं.
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मेथी की अच्छी पैदावार के लिए गमले को ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना कुछ घंटे धूप मिल सके. गर्म मौसम में मिट्टी की नमी पर विशेष ध्यान दें. पत्तियों की कटाई करते समय पौधे के निचले हिस्से को पूरी तरह न काटें, ताकि दोबारा बढ़वार की संभावना बनी रहे.
इसके अलावा, मेथी की एक खास बात यह भी है कि इसके बीजों को अलग-अलग अंतराल पर बोकर घर में लगातार ताजी पत्तियों की उपलब्धता बनाए रखी जा सकती है.
ब्रोकली
ब्रोकली पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी है और इसे घर की छत या बालकनी में भी उगाया जा सकता है. हालांकि, पालक और मेथी की तुलना में ब्रोकली को थोड़ा अधिक स्थान और देखभाल की जरूरत होती है. यह ठंडे मौसम में अच्छी तरह बढ़ती है, इसलिए इसकी खेती के लिए सर्दियों का समय उपयुक्त रहता है.
गमले में ब्रोकली उगाने की विधि
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ब्रोकली उगाने के लिए लगभग 12 से 16 इंच गहरा और पर्याप्त चौड़ा गमला चुनें. पौधे की जड़ों और बढ़वार के लिए पर्याप्त जगह होना जरूरी है. गमले में उपजाऊ, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी भरें और उसमें जैविक खाद मिलाएं.
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ब्रोकली के बीजों को पहले छोटी सी नर्सरी ट्रे में बोया जा सकता है. जब पौधे में कुछ असली पत्तियां निकल आएं और वह रोपाई के योग्य हो जाए, तब उसे सावधानी से बड़े गमले में लगा दें. रोपाई के बाद पौधे को नियमित पानी दें और ऐसी जगह रखें, जहां पर्याप्त धूप मिलती हो.
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ब्रोकली के पौधों को आमतौर पर प्रतिदिन लगभग 5 से 6 घंटे धूप की जरूरत होती है. मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन जलभराव से बचें. इसकी फसल तैयार होने में किस्म और मौसम के अनुसार लगभग 60 से 100 दिन लग सकते हैं. जब बीच में बनने वाला फूलों का गुच्छा अच्छी तरह विकसित हो जाए, लेकिन उसकी कलियां खुलने न लगें, तब उसकी कटाई कर लें.
लेखक: रवीना सिंह