अगर आप किसान है और कम बजट वाले बिजनेस की तलाश में हैं तो बकरी पालन व्यवसाय आपके लिए उचित विकल्प साबित हो सकता है और साथ ही झारखंड सरकार ' मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ' के तहत राज्य के किसानों को बकरी पालन करने पर 70% तक सब्सिडी की भी राहत दे रही है. इस मदद से किसान हो या पशुपालक इस मुनाफे वाले व्यवसाय की शुरुआत कर तगड़ी आय अर्जित कर सकता है.
कितना मिलेगा अनुदान?
अगर आप ' मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ' में आवेदन करने का मन बना रहे हैं तो यह सरकारी योजना आपके लिए काफी लाभकारी साबित हो सकती है. यानी की झारखंड सरकार द्वारा शुरु की गई इस योजना की मदद से किसान हो या पशुपालक 70% तक सब्सिडी प्राप्त कर बकरी पालन की शुरुआत कर सकते हैं.
इसके अलावा, इस योजना के तहत स्थानीय निवासी 100 बकरी और 5 बकरा क्षमता का फार्म खोल सकते हैंं, जिसके लिए सरकार 70 प्रतिशत अनुदान प्रदान करेंगी और 30% राशि में से 15% बैंक लोन से आसानी से मिल जाएगा.
9.78 लाख रुपये की परियोजना पर कितनी मिलेगी सहायता?
अगर आप भी बकरी पालन बिजनेस की शुरुआत कर इस सरकारी योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो व्यावसायिक बकरी पालन योजना के तहत एक फार्म की कुल परियोजना लागत 9 लाख 78 हजार रुपये निर्धारित की गई है. इसमें सरकार की ओर से अधिकतम 6 लाख 84 हजार 600 रुपये, यानी 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. वहीं, लाभुक का हिस्सा 2 लाख 93 हजार 400 रुपये होगा.
योजना के प्रावधान के अनुसार लाभुक के हिस्से की पूरी राशि स्वयं लगाना जरूरी नहीं है. इसमें 15 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है, जिससे बकरी पालन व्यवसाय शुरु करने में कोई परेशानी नहीं आएंगी.
100 बकरी और 5 बकरों की क्षमता वाला फार्म
इस सरकारी योजना के तहत झारखंड का स्थानीय निवासी इस स्कीम के जरिए 100 बकरी और 5 बकरों की क्षमता वाला फार्म स्थापित कर सकता है. योजना का लाभ केवल व्यक्तिगत लाभुकों तक सीमित नहीं है. स्वयं सहायता समूह (SHG) और किसान उत्पादक संगठन (FPO) भी निर्धारित नियमों के अनुसार इसका लाभ उठा सकते हैं.
कितनी किस्तों में मिलेगा अनुदान?
सरकारी अनुदान का भुगतान एक साथ नहीं किया जाएगा. योजना के तहत अनुदान राशि दो किस्तों में उपलब्ध कराई जाएगी. पहली किस्त के रूप में कुल अनुदान का 40 प्रतिशत योजना स्वीकृत होने के बाद दिया जाएगा. इसके बाद फार्म से संबंधित आधारभूत संरचना पूरी होने पर शेष 60 प्रतिशत अनुदान जारी किया जाएगा.
हालांकि, अनुदान राशि जारी होने से पहले लाभुक के स्वयं के अंशदान और बैंक ऋण की राशि का हस्तांतरण आवश्यक होगा. इसके अलावा फार्म में पशुओं के स्वास्थ्य और महामारी नियंत्रण से जुड़े मानकों की नियमित समीक्षा जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा की जाएगी.
आवेदन कहां करना होगा?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इच्छुक पशुपालक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र, घोषणा पत्र और शपथ पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं. ऐसे में आवेदनकर्ता अपना आवेदन संबंधित प्रखंड पशुपालन कार्यालय या जिला पशुपालन कार्यालय में जमा कर सकता है.
आवेदन के लिए कौन पात्र होगा?
अगर आप भी ' मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना ' में आवेदन करने का मन बना रहे हैं, तो आप सबसे पहले आवेदन के लिए क्या पात्रता है जान लें जो कुछ इस तरह से हैं-
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योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं. आवेदक का झारखंड का स्थायी निवासी होना जरूरी है. इसके साथ ही उसे बकरी पालन का अनुभव होना चाहिए.
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आवेदक के पास कम से कम 50 डिसमिल निजी भूमि या कम से कम 10 वर्ष की लीज पर जमीन होनी चाहिए. संबंधित भूमि पर छायादार पेड़ों की उपलब्धता भी अनिवार्य बताई गई है.
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इसके अलावा बैंक से संबंधित प्रमाण-पत्र या पिछले एक वर्ष के औसत बैंक बैलेंस का प्रमाण देना होगा. आवेदक को ऋण स्वीकृति संबंधी सहमति पत्र भी उपलब्ध कराना होगा. बकरी पालन में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आवेदकों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जा सकती है.
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एक अन्य महत्वपूर्ण शर्त यह है कि लाभुक को फार्म को कम से कम 10 वर्षों तक संचालित रखने का शपथ-पत्र देना होगा.
लेखक: रवीना सिंह