Success Story: जैविक उत्पादों के सहारे 20 एकड़ में अनार की सफल खेती, आधी हुई लागत, सालाना टर्नओवर 70 लाख रुपये तक! Rabi Crop Farming: रबी मौसम की फसलों की बुआई हेतु खेत की अग्रिम तैयारी फल और फूलों की खेती में प्रूनिंग के लिए उपयोगी हैं ये STIHL के टूल्स, जानें पूरा विवरण Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार!
Updated on: 28 August, 2019 12:00 AM IST
Vegetable Farming

किसान पारंपरिक खेती के साथ सब्जी की खेती करें. इसके लिए यूपी के हरदोई के किसानों को शाकभाजी के तहत सब्जियों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. राष्ट्रीय कृषि विभाग योजनांतर्गत शॉकभाजी के तहत 50 फीसद अनुदान दिया जाएगा. किसानों से मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर, पत्तागोभी व फूलगोभी की खेती कराई जाएगी. इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की गई हैं.

उद्यान निदेशालय ने कार्यक्रम के तहत जिला उद्यान विभाग को अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए हैं. किसानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा. पंजीकृत किसानों को ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर अनुदान दिया जाएगा.

बता दे कि सहायक उद्यान निरीक्षक हरिओम वर्मा ने बताया कि किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं. किसान पारंपरिक खेती के साथ सब्जी की खेती करें. इसके लिए लगातार उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है. इस वित्तीय वर्ष में मिर्च के लिए 35 हेक्टेयर, शिमला मिर्च के लिए 20 हेक्टेयर, टमाटर, पत्तागोभी व फूलगोभी के लिए 12-12 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

उन्होंने आगे बताया कि किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है. पंजीकृत किसानों को प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर अनुदान दिया जाएगा. सहायक उद्यान निरीक्षक ने बताया कि मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर, पत्तागोभी व फूलगोभी पर लागत का 50 फीसद करीब 20-20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा. 

किसान बरसात बाद इन सब्जियों की पौध तैयार कर सकेंगे. सितंबर-अक्टूबर के मध्य पौधों की रोपाई करेंगे.

English Summary: For the cultivation of vegetables, farmers will get a grant of 20 thousand rupees
Published on: 28 August 2019, 04:53 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now