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Updated on: 15 November, 2022 1:39 PM IST
केजे चौपाल में मौजूद निर्देशक कृषि जागरण -शाइनी डॉमिनिक, दत्तन नायक, प्रधान संपादक-कृषि जागरण एमसी डॉमिनिक , मुख्य अतिथि और रूस के लेजिस्लेटर डॉ. अभय कुमार सिंह, पीएस सैनी और डॉ. पीके पंत. (बांए से दांए)

इस बार केजे चौपाल के मुख्य अतिथि के रूप में बिहार के लाल और रूस के कूर्स्क प्रांत से लेजिस्लेटर और मेंबर ऑफ यूनाइटेड रसिया पार्टी (MLA) अभय कुमार सिंह रहे. कृषि जागरण के ऑडिटोरियम में उनका भव्य स्वागत किया गया. कृषि जागरण की टीम ने उनको उपहार स्वरूप बांस का पौधा भी भेंट किया.

ऊर्जा और सहजता का अद्भुत मेल हैं डॉ. अभय: प्रधान संपादक

कृषि जागरण के प्रधान संपादक एमसी डॉमिनिक ने केजे चौपाल की शुरुआत स्वागत भाषण से की. उन्होंने कहा कि आज हमारे बीच एक महान हस्ती मौजूद हैं. देश के छोटे से शहर से रूस जाकर वहां की राजनीति में अपना मुकाम बनाना वाकई प्रशंसनीय है. डॉ. अभय 70 प्रतिशत से अधिक मत पाकर कुर्स्क प्रांत के विधायक बने हैं.

प्रधान संपादक ने कहा कि विदेश जाकर ऐसी असाधरण उपलब्धि हासिल करना देश के प्रत्येक नागरिक को गौरवान्वित करता है. वे समाज सेवा, चिकित्सा और देशभक्ति से जुड़े कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं. डॉ. अभय ऊर्जा के साथ सहजता का अद्भुत मिश्रण हैं. आज हमारे बीच कृषि जागरण चौपाल में डॉ. अभय कुमार सिंह मौजूद हैं. निश्चित रूप से यह हमारी टीम और हमारे दर्शकों के लिए प्रेरणादायी है.

दिल्ली कार्यालय में कृषि जागरण के वार्तालाप करते अतिथि साथ में कृषि जागरण की निर्देशक और प्रधान संपादक. (फोटो-कृषि जागरण)

मर्सिडीज कारों में घुमते हैं रूस के किसान: डॉ. अभय

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अभय ने कहा कि सबसे पहले में केजे चौपाल में उपस्थित सभी अतिथियों और श्रोताओं को धन्यवाद देता हूं. मैं हिंदी में बोलूं तो आप सुनना चाहेंगे? इस पर श्रोताओं ने सहमति व्यक्त की. उन्होंने कहा कि रूस में बहुत बड़े स्तर पर खेती-किसानी होती है. हमारा देश अनाज उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी कृषि शक्तियों में से एक है. रूस के किसान टेक्नॉलोजी और कृषि यंत्रों पर आधारित खेतीबाड़ी करते हैं.

केजे चौपाल कार्यक्रम के बाद कृषि जागरण कार्यालय के भ्रमण के दौरान रूस के लेजिस्लेटर डॉ. अभय सिंह और प्रधान संपादक एमसी डॉमिनिक. (फोटो-कृषि जागरण)

उन्होंने आगे बताया कि रूस केवल गोला-बारूद के लिए नहीं जाना जाता बल्कि यहां के किसान दुनिया के कई देशों का पेट भर रहे हैं. खेती-किसानी हमारे देश में बहुत बड़ा व्यवसाय है. यहां के प्रत्येक किसान के पास मर्सिडीज और महंगी-महंगी कारें और कृषि यंत्र हैं. संबोधन के अंत में उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों को रूस आने और यहां की खेती-किसानी देखने के लिए आमंत्रित किया.

कार्यक्रम का समापन कृषि जागरण के ऑपरेशन हेड डॉ. पीके पंत ने मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों को धन्यवाद देकर किया. उन्होंने कहा कि उनकी कर्मभूमि रूस है लेकिन जन्मभूमि भारत है. देश को डॉ. अभय कुमार सिंह की उपलब्धियों पर गर्व है. इस दौरान कृषि जागरण की निर्देशक शाइनी डॉमिनिक, दत्तन नायक और पीएस सैनी मौजूद रहे.

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कौन हैं डॉ. अभय कुमार सिंह

भारतीय मूल के अभय कुमार सिंह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया से विधायक हैं. बिहार में जन्में डॉ. अभय मेडिकल की पढ़ाई करने रूस गए थे और फिर वहीं बस गए. राजनीतिक और व्यवासायिक संबंधों की वजह से वह विधायक चुने जाने से पहले कुर्स्क प्रांत के प्रभावशाली लोगों में गिने जाने लगे.

2015 में पहली बार उन्होंने पहली बार कुर्स्क में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आयोजित किया था. कुर्स्क प्रांत युद्ध प्रभावित क्षेत्र से केवल 40 किलोमीटर की दूरी पर है.

English Summary: KJ CHAUPAL Indian born Russian Politician Abhay Kumar Singh says - Russian farmers roam in Mercedes cars
Published on: 15 November 2022, 02:37 PM IST

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