Success Story: जैविक उत्पादों के सहारे 20 एकड़ में अनार की सफल खेती, आधी हुई लागत, सालाना टर्नओवर 70 लाख रुपये तक! Rabi Crop Farming: रबी मौसम की फसलों की बुआई हेतु खेत की अग्रिम तैयारी फल और फूलों की खेती में प्रूनिंग के लिए उपयोगी हैं ये STIHL के टूल्स, जानें पूरा विवरण Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार!
Updated on: 12 June, 2021 3:58 PM IST
Agriculture Bill

केंद्र सरकार (Central Government) द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों (Agricultural Bill) के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन (Farmer’s Protest) लगातार जारी है. 

हाल ही में, किसानों की तरफ से एक और बड़ा ऐलान किया गया है. किसानों का कहना है कि वह आने वाली 26 जून को देश के मौजूदा सभी राज्यपालों के घर के बाहर धरना देने वाले हैं. किसान इस दिन को 'खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस' मनाएंगे.

26 जून को राज्यपालों के घर के बाहर धरना

26 जून को अपने प्रदर्शन के दौरान काले झंडे भी दिखाएंगे. इसके साथ ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपनी मांगों से संबंधित मेमोरेन्डम भी सौपेंगे. बता दें कि किसान नेताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें बताया गया है कि उस दिन को 'खेती बचाओ लोकतंत्र बचाओ दिवस'  के तौर पर मनाया जाएगा. इसके अलावा राजभवन के पास काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

26 जून को क्या है...

देश में 26 जून को साल 1975 में आपातकाल लागू किया था. इस दिन किसानों के प्रदर्शन  (Farmer’s Protest) को 7 महीने भी हो जाएंगे. इस डिक्टेटरशिप की वजह से किसानों के अलावा नागरिकों की प्रजातांत्रिक अधिकारों पर भी हमला हो रहा है. यह एक अघोषित इमरजेंसी है.

किसानों ने आगे कहा कि मुख्य तौर से पंजाब, हरियाणा और वेस्टर्न उत्तर प्रदेश के किसान दिल्ली (Delhi) के बॉर्डर पर 6 महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार को लगता है कि किसानों की मांग आधारहीन है. उनके द्वारा लाए गए नए कानून किसानों के पक्ष में है.

बता दें कि इन कृषि कानूनों को लागू सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इन्हें होल्ड कर दिया था. इसके साथ ही  मुद्दे की जांच के लिए एक कमेटी बनाने का आदेश भी दिया था.

English Summary: farmers will protest outside governor's house on june 26
Published on: 12 June 2021, 04:05 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now