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Updated on: 14 June, 2020 1:31 PM IST

झारखंड के किसानों का इंतजार खत्म हो चुका है, क्योंकि यहां मानसून (Monsoon) ने दस्तक दे दी है. इस साल प्री मॉनसून बारिश के बाद मानसून समय पर आ गया है, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी का ठिकाना नहीं है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार किसानों को फसल की बंपर पैदावार मिलने की उम्मीद है. बता दें कि मानसून ने ओडिशा की तरफ से दक्षिणी-पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और मध्य जिलों से झारखंड में प्रवेश किया है. अब आने वाले 3 से 4 दिन में मानसून के बादल पूरी तरह से छा जाएंगे. मौसम वैज्ञानिक और रांची मौसम केंद्र की मानें, तो इस साल बारिश 96 से 104 प्रतिशत तक हो सकती है.

5 साल बाद समय पर पहुंचा मानसून

आपको बता दें कि झारखंड में पिछले 5 साल में मानसून समय पर नहीं आया है, लेकिन इस साल राज्य में मानसून की बारिश समय पर हुई है. ऐसे में उम्मीद है कि राज्य में जुलाई से अगस्त तक अच्छी बारिश होगी, जो कि फसल के अच्छे उत्पादन के लिए लाभकारी है. बता दें कि झारखंड खनिज संपदा से धनी है, लेकिन यहां की बड़ी आबादी खेती पर ही निर्भर रहती है. यहां किसान खेती की सिंचाई की व्यवस्था के लिए पूरी तरह से बारिश के पानी पर निर्भर रहते हैं.

खेती के लिए अनुकूल है मानसून

राज्य में करीब 38 लाख हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है. इसमें करीब 28 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल और 18 लाख हेक्टेयर में धान की फसल लगाई जाती है. बता दें कि मानसून आने से पहले प्री मानसून की बारिश हुई थी, जिससे किसान के खेत पहले से ही तैयार हैं. हालांकि अब मानसून भी दस्तक दे चुका है. ऐसे में किसान खरीफ फसलों की बुवाई कर सकते हैं.

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कृषि मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक...

इस साल आए प्री मानसून और मानसून, दोनों को खेती के लिए लाभकारी माना जा रहा है. प्री मानसून की बारिश भी काफी अच्छी बारिश हुई, जिससे किसानों के चेहरों पर खुशी ही खुशी झलक रही है. अब अधिकतर किसान अपने खेतों को तैयार करने में जुट गए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल का मानसून किसानों को फसल का अच्छी उत्पादन दिलाएगा.

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English Summary: Farmers are relieved due to monsoon rains in Jharkhand
Published on: 14 June 2020, 01:35 PM IST

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