Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 21 January, 2022 12:00 AM IST
Mango Cultivation

बिहार के मधेपुरा के कृषि विज्ञान केंद्र (Krishi Vigyan Kendra) के वैज्ञानिकों ने आम की पैदावार को बढ़ाने के लिए एक नई तकनीक निकाली है. जिस तकनीक से किसानों की आय में वृद्धि होगी, साथ ही वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे.

दरअसल, कृषि वैज्ञानिकों ने पुराने आम के बगीचा (Mango Garden) के जीर्णोद्धार (Renovation) को लेकर ट्रेनिंग प्रक्रिया शुरू की है. जहाँ कृषि विद्यालय के छात्रों और किसानों को प्रशिक्षण (Training To Farmers) दिया जायेगा. इस प्रशिक्षण में पुराने आम के बगीचे से आम की पैदावार को बढ़ाने के लिए कृषि वैज्ञानिक द्वारा जरुरी टिप्स दिए जा रहे हैं. तो आइये इन टिप्स के बारे में जानते हैं.

कृषि वैज्ञानिकों के टिप्स (Agricultural Scientists Tips)

  • कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि जनवरी में पेड़ की वैज्ञानिक विधि से आंशिक कटाई कर इस कार्य को सम्पन्न कराया जाता है. इस कटाई के बाद अगले एक दो वर्षों में पुनः आम बगीचे से अच्छा उत्पादन प्राप्त होता है.

  • इसके बाद पेड़ों की टहनियों को कम करें. इसकी काट-छांट करने के तीन से चार महीनों के पश्चात् पेड़ों पर अत्यधिक टहनियां आती है. यदि उनको बढ़ते रहने दिया जाए, तो उनमें जगह, रोशनी, पोषण की कमी हो जाती है, जिससे उनके विकास पर असर पड़ता है. इसलिए इन टहनियों की जहां कहीं जरूरत हो, नियमित रूप से संख्या कम की जानी चाहिए, ताकि स्वस्थ टहनियों के खुले विकास और छतरी की तरह उनके बढ़ते रहने की क्रिया को आसान बनाया जा सके.

इसे पढ़ें - Varieties of Mango: आम की उन्नत किस्में और उनकी विशेषताएं

  • प्रत्येक काट-छांट किए गए पेड़ के चारों ओर तैयार किए गए कुण्ड में अच्छी तरह से सड़ी हुई 100-120 कि.ग्रा. घूरे की खाद डालें. इसके अलावा 2.5 कि.ग्रा. यूरिया, 3 कि.ग्रा. सिंगल सुपर फास्फेट (एस.एस.पी.) और 1.5 कि.ग्रा. म्यूरेट आफ पोटाश डालनी चाहिए.

  • मधेपुरा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक को अपनाकर किसान भाई आम का अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और आय भी अच्छी प्राप्त कर सकेंगे.

English Summary: for more production of mango, tips given in krishi vigyan kendra
Published on: 21 January 2022, 03:40 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now