Solar Subsidy: कृषि के क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग न केवल किसानों की बिजली लागत को कम करेगा, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल और सतत विकास में भी योगदान देगा. इसी कड़ी में बिहार सरकार और केंद्र सरकार ने किसानों की भलाई के लिए पीएम कुसुम योजना/ PM Kusum Yojana के तहत करीब 45 लाख रुपए तक वित्तीय सहायता उपलब्ध करवा रही है.
बिहार में कृषि को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीएम कुसुम योजना के तहत फीडरों का सोलराइजेशन (Agricultural feeder Solarization) किया जा रहा है. इस योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar power for Agriculture) स्थापित करने और बिजली उत्पादन के अवसर मिल रहे हैं. आइए सरकार की इस पहल के बारे में विस्तार से जानते हैं...
योजना की मुख्य बातें
वित्तीय सहायता:
- भारत सरकार: प्रति मेगावाट 1.05 करोड़ रुपए की मदद.
- बिहार सरकार: प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए की मदद.
सोलर प्लांट निर्माण:
- सफल आवेदकों को 12 महीने के भीतर सौर संयंत्र स्थापित कर उसे विद्युत उपकेंद्र से जोड़ना होगा.
बिजली खरीद समझौता:
- वितरण कंपनी (DISCOM) अगले 25 वर्षों तक उत्पादित बिजली खरीदेगी.
पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
- किसान, किसान समूह, पंचायत, किसान उत्पादक संगठन (FPO), जल उपभोगकर्ता संघ, स्वयं सहायता समूह (SHG) इस योजना में भाग ले सकते हैं.
- किसी तकनीकी या वित्तीय मानदंड की आवश्यकता नहीं है.
- किसानों को प्रति मेगावाट केवल ₹1 लाख की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) देनी होगी.
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
- क्लास-3 डिजिटल सिग्नेचर
- पैन कार्ड
- ई-मेल आईडी
- मोबाइल नंबर
कैसे करें आवेदन?
पीएम कुसुम योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 2 अप्रैल 2025 तक सरलता से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इलके लिए आवेदक को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा.
नोट: अधिक जानकारी के लिए कंपनी के कार्यपालक अभियंता/सहायक कार्यपालक अभियंता से 7635094261/7320924004 पर संपर्क करें.