प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश की सबसे कल्याणकारी योजनाओं में से एक योजना है, जिसका लाभ देश के करोड़ों किसानों को मिल रहा है और अब तक सरकार इस योजना की 23 किस्त जारी कर चुकी है और अब योजना के लाभार्थियों की नजर है 24वीं किस्त पर की कब इस किस्त की सौगत किसानों के बैंक खातों में जारी की जाएगी. इसके अलावा, सरकार ने किस्त जारी होने से पहले किसान लाभुकों को ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील जारी कर दी है.
फेस ऑथेंटिकेशन से कैसे करें ई-केवाईसी?
अगर आपके पास मोबाइल फोन है तो सबसे पहले अपने फोन में प्ले स्टोर से पीएम किसान ऐप और आधार फेस आईडी ऐप डाउनलोड करें.इसके बाद ऐप को खोलकर बेनिफिशरी चुनें और अपना आधार नंबर दर्ज करें और 'फेशियल केवाईसी लॉगिन' पर क्लिक करें और इस प्रक्रिया को पूरी करने के बाद लाभार्थी 6 अंकों का एम-पिन (M-Pin) बनाएं या दर्ज करें. उसकी सहमति बॉक्स पर चेक मार्क लगाएं और 'स्कैन फेस' पर क्लिक करके अपना चेहरा स्कैन करें तथा आंखें ब्लिंक करें. ऐसा करने के 24 घंटे के अंदर ही आपका ई-केवाईसी स्टेटस अपडेट हो जाएगा.
ओटीपी (OTP) से ऐसे ई-केवाईसी पूरी करें
अगर आप पीएम किसान योजना का लाभ उठाते रहते रहना चाहते हैं, तो ओटीपी से भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया का पूरा कर सकते हैं इस प्रकार-
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सबसे पहले किसान भाई पीएम-किसान पोर्टल पर जाएं और 'फार्मर्स कॉर्नर' में जाकर 'ई-केवाईसी' के विकल्प पर क्लिक करें.
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इसके बाद लाभार्थी अपना आधार नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज करके सबमिट कर दें.
बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) ई-केवाईसी कैसे कराएं?
अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी हो और अब तक आपने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है, तो घबराएं नहीं. आप इस काम को बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) तरीके यानी की अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या राज्य सेवा केंद्र (SSK) पर जाकर इस प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं.
ई-केवाईसी कराना क्यों जरुरी है?
पीएम किसान योजना के नियमों को लेकर सरकार इसलिए शक्ति दिखा रही है, क्योंकि 2022 के वर्ष में फर्जी लाभार्थियों को पकड़ा गया था और इस बात की जानकारी सरकार को ई-केवाईसी प्रक्रिया को कराने के दौरान पता चली. इसलिए सरकार ने इस योजना में शामिल जितने भी किसान इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठा रहे हैं उन सभी किसानों से यह अपील की है कि वह जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराएं, ताकि फर्जी लाभुकों पर रोक लग सकें और पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलता रहे.
लेखक: रवीना सिंह