Goat Farming Subsidy Scheme: बकरी पालन, जो अब भारत में सबसे तेजी से बढ़ते हुए पशुपालन के रूप में उभर रहा है, किसानों के लिए एक बड़ा अवसर बन चुका है. बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए कई सरकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं. केंद्र सरकार ने बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (NLM) योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है. यह योजना न केवल बकरी पालन, बल्कि भेड़ पालन, मुर्गी पालन और सूकर पालन जैसे विभिन्न पशुपालन क्षेत्रों को भी बढ़ावा देती है.
जो किसान बकरी पालन की शुरुआत करना चाहते हैं, लेकिन महंगे निवेश के डर से इसे शुरू नहीं कर पाते, वे NLM योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करके बकरी पालन (Goat Farming) की शुरुआत कर सकते हैं. इसके अलावा, यदि किसान इस योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं, तो उन्हें केवल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने और कुछ आवश्यक दस्तावेज़ ऑनलाइन सबमिट करने होंगे.ऐसे में आइए, नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (NLM) योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं-
बकरी पालन करने से लाभ
भारत में पशुपालन का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है और बकरी पालन (Goat Farming) में तो खासा उछाल देखने को मिल रहा है. इसके पीछे कई कारण हैं, जैसे बकरियों की कम रख-रखाव लागत, उनकी जल्दी प्रजनन क्षमता, और उनके उत्पाद जैसे दूध और मांस की बढ़ती मांग. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां लोग कृषि से अधिक आय प्राप्त करने के लिए पशुपालन में रुचि रखते हैं, वहां बकरी पालन (Bakari Palan) करना बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है.
नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (NLM) योजना क्या है?
नेशनल लाइव स्टॉक मिशन (NLM) योजना के तहत, बकरी पालन (Goat Farming) करने वालों को हर कदम पर वित्तीय सहायता दी जा रही है. सरकार किसानों को इस योजना के माध्यम से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे उन्हें बकरी पालन की शुरुआत करने में कम पूंजी की आवश्यकता होती है. इस योजना में किसानों को बकरी, शेड निर्माण, और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए आर्थिक मदद दी जाती है. योजना की कुल लागत का आधा हिस्सा सरकार देती है, जबकि बाकी का हिस्सा बैंक लोन और किसानों की अपनी पूंजी से पूरा किया जाता है.
योजना के तहत, किसानों को बकरी पालन के लिए 100 बकरियां और 5 बकरों से लेकर 500 बकरियां और 25 बकरों तक के लिए सब्सिडी दी जाती है, जिसमें विभिन्न चरणों में सब्सिडी दी जाती है. उदाहरण के तौर पर, अगर किसान 100 बकरियों और 5 बकरों का पालन करना चाहते हैं, तो योजना के तहत उन्हें 20 लाख रुपये का कुल प्रोजेक्ट लागत आएगा, जिसमें से 10 लाख रुपये की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाएगी. बाकी 10 लाख रुपये में से बैंक लोन 8 लाख रुपये तक मिल सकता है, और बाकी किसान की अपनी पूंजी हो सकती है.
अगर किसान 200 बकरियों और 10 बकरों का पालन करने का निर्णय लेते हैं, तो कुल प्रोजेक्ट लागत 40 लाख रुपये होगी, जिसमें से 20 लाख रुपये की सब्सिडी सरकार द्वारा दी जाएगी, और बैंक से 16 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है. इस प्रकार, यह योजना बकरी पालन करने वालों के लिए एक बहुत ही आकर्षक विकल्प बन चुकी है.
NLM योजना के तहत लाभार्थी के लिए जरूरी शर्तें और दस्तावेज़
किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तों का पालन करना होगा. जैसे कि, बकरी पालन के लिए किसानों के पास पर्याप्त भूमि होनी चाहिए, जो इस योजना के विभिन्न प्रोजेक्ट्स के अनुसार अलग-अलग होती है. उदाहरण के तौर पर, 100 बकरियों के लिए कम से कम 1.5 एकड़ (47,000 वर्ग फीट) भूमि होनी चाहिए, जबकि 200 बकरियों के लिए 2.5 एकड़ (92,000 वर्ग फीट) भूमि की आवश्यकता होती है.300 बकरियों के लिए 3.5 एकड़ भूमि और 500 बकरियों के लिए 5.5 एकड़ भूमि होनी चाहिए.
इसके अलावा, इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज़ भी तैयार करने होंगे. इनमें प्रमुख दस्तावेज़ों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, बैंक स्टेटमेंट, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, जमीन की फोटो और ट्रेनिग सर्टिफिकेट शामिल हैं. इसके अलावा, किसान को जिस बैंक से लोन मिलने की संभावना हो, उस बैंक का नाम और IFSC कोड भी देना होगा.
बकरी पालन पर सब्सिडी के लिए कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
किसान इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने के लिए NLM योजना के पोर्टल पर जा सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया सरल है और इसमें किसानों को अपनी जानकारी, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और सभी जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं. इसके बाद, संबंधित अधिकारियों द्वारा आवेदन की समीक्षा की जाती है और अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो किसान को योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.