Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 19 January, 2021 12:00 AM IST
Fruits And Vegetables

भारत एक कृषि प्रधान देश है. भूख मिटाने के लिए कृषि ही एक ऐसा साधन है, जिसमें गेहूं, चावल और दाल दुनिया में  कृषि उत्पादों में अपनी खासी पहचान बना रखी है. सुबह से शाम तक तीन हिस्सों में बंटी को किसान और कृषि ही पूरा करते हैं. पौष्टिक और स्वस्थ कारक आहार हमेशा से ही मानव के लिए उत्तम माने गए हैं. पौष्टिक और  स्वास्थ्य सुरक्षित आहार की पैरवी करते हुए यूनाइट्स नेशन फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन ने साल 2021 को फलों और सब्जियों (Fruits And Vegetables) का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है.

मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए फल और सब्जी की जरूरत पर बल देते हुए एफ ऐ ओ के महानिदेशक ने 2021 में  फल एवं सब्जी को स्वस्थ के लिए खाद्य सुरक्षा में बड़ी भूमिका को देखते हुए

इसके प्रचार और प्रसार को बढ़ाने के लिए भी कहा है. फल और सब्जी, फूल और औषधीय पौधे बागवानी के उत्पाद हैं,  बागवानी यानि "हॉर्टिकल्चर” जिसमें हीड्रोपोनिक्स और नियंत्रित ताप में विशेष प्रकार की सब्जी जैसे कि टमाटर, शिमला मिर्च, खीरा, का उत्पादन पूरे वर्ष में किया जा सकता है. 

हॉर्टिकल्चर की विशेषताओं पर बात करते हुए कृषि जागरण ने इंस्टिट्यूट ऑफ़ हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी के निदेशक डॉ आर एस कुरील से बात की. डॉ कुरील ने बागवानी की विशेषता बताते हुए कृषि में उत्पादकता वाले जमीन कम होने के मद्देनजर हाइड्रोपोनिक तकनीक के बारे में बताया. इस तकनीक के जरिए बिना मिट्टी के भी बागवानी की जा सकती है. इसके अलावा उन्होंने हॉर्टिकल्चर इंस्टिट्यूट को एक विश्वविद्यालय में तब्दील करने की मुहीम का जिक्र करते हुए हॉर्टिकल्चर को कृषि से बेहतर विकल्प के तौर पर देखते हुए भविष्य में हॉर्टिकल्चर को कृषि से बेहतर मानते हुए छात्रों, गृहणियों जो की छत पर बागवानी करने में रूचि रखते हैं के लिए सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और ee-कोर्स की वकालत भी की है.

English Summary: Why is gardening better in the year 2021
Published on: 19 January 2021, 06:24 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now