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उत्तर भारत में कड़ाके की सर्दी से आलू किसान परेशान, टमाटर और सरसों को भी नुकसान

उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की सर्दी पड़ रही है, जिस कारण सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हो रहा है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिसंबर माह में पारा 5 डिग्री से नीचे तक पहुंचने के कारण आलू की फसल पर खराब प्रभाव पड़ा है. इसी के साथ ही घने कोहरे के कारण सरसों की फसल भी बर्बाद हो रही है.

सिप्पू कुमार
Crops Damage By Cold
Crops Damage By Cold

उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की सर्दी पड़ रही है, जिस कारण सब्जियों की फसल को भारी नुकसान हो रहा है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक दिसंबर माह में पारा 5 डिग्री से नीचे तक पहुंचने के कारण आलू की फसल पर खराब प्रभाव पड़ा है. इसी के साथ ही घने कोहरे के कारण सरसों की फसल भी बर्बाद हो रही है.

आलू किसानों की बढ़ी परेशानी (Problems of potato farmers increased)

गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह से ही उत्तर भारत के कई जिलों में घना कोहरा और पाला पड़ रहा है, जिस कारण आलू की फसल झुलसा रोग के प्रभाव में आ गई है. आलू की पत्तिंयों पर धब्बे निकल आए हैं, जो कि होने वाले नुकसान के सूचक हैं. हालांकि इस रोग से बचाव के लिए कृषि विभाग किसानों को मैंकेजिप दवा के छिड़काव की बात कह रही है, लेकिन वो पर्याप्त नहीं साबित हो रहा.

सरसों की फसल को भी हो रहा नुकसान (Mustard crop also getting damage)

घने कोहरे और पाले के कारण सरसों की हालत भी खराब हो गई है. इन दिनों भारी तादाद में सरसों खेतों में नष्ट हो रही है, हालांकि किसान अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं. कृषि विभाग ने किसानों की हालत को समझते हुए उन्हें कुछ उपाय करने को कहे हैं. 

विभाग ने कहा है कि कोहरे और पाले से सरसों को बचाने के लिए खेतों के पास धुआं किया जाए. धूआं करने से खेतों में गर्मी बढ़ती है और फसलों पर पाले का प्रभाव नहीं पड़ता. सरसों को बचाने के लिए ऐसे उपाय किए जा सकते हैं. सरसों के साथ-साथ इन दिनों टमाटर, मटर, बेंगन और धनिया उगाने वाले किसानों के चेहरे भी लटके हुए हैं. बिहार में तो टमाटर किसानों को भारी नुकसान हुआ है.

फसलों की करें हल्की सिंचाई (Light irrigation of crops)

सब्जी की फसलों को पाले से बचाने के लिए कृषि विभाग ने कुछ सलाह दिए हैं. विभाग ने कहा है कि फसलों में हल्की सिंचाई एवं गंधक के घोल का स्प्रे किया जा सकता है. हल्की सिंचाई करने से खेतों का तापमान बढ़ता है, जिससे फसलों गर्माहट मिलती है. वहीं गंधक घोल स्प्रे से भी फसलों को सुरक्षा मिलती है.

किसानों को हुआ हजारों का नुकसान (Farmers lost thousands)

एक ही सप्ताह में किसानों को हजारों का नुकसान हो गया है. उत्तर प्रदेश के किसानों ने इस बारे में कहा कि कुछ दिन और अगर धूप नहीं आया तो ये नुकसान लाखों में पहुंच जाएगा. हालांकि ठंड के बढ़ने के बाद भी गेहूं किसानों को आराम है, फिलहाल उन्हें कोई फिक्र नहीं हो रही. गेहूं को ठंड से किसी तरह का खतरा नहीं है.

अभी और गिरेगा तापमान (Temperature will drop further)

मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल उत्तर भारत में तापमान बढ़ने की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है. आने वाले दस दिनों में सर्द हवाओं का दौर शुरू हो सकता है, जिससे कंपकपां देने वाली ठंड पड़ने की संभावना है. इसके साथ ही शीतलहर चलने का अंदेशा लगाया जा रहा है, जिससे सब्जियों और पालतु जानवरों को बचाने की जरूरत है.

English Summary: heavy loss of crops due to cold know more about the potatoes tomatoes and other vegetables situation Published on: 24 December 2020, 05:40 PM IST

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