RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 8 February, 2021 7:14 PM IST
Farmer Ishaq Ali

किसानों की आमदानी को बढ़ाने के लिए कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ अक्सर परंपरागत खेती को छोड़ नई फसलों को उगाने की सलाह देते हैं. इसी बात से प्रेरित होकर राजस्थान के सिरोही जिले के इशाक अली आज सौंफ की खेती करके मालामाल हो गए हैं. इससे पहले वे भी कपास और गेहूं समेत अन्य फसलों की उपज लेते थे. तो आइये जानते हैं राजस्थान के 'सौफ किंग' कहे जाने वाले इशाक अली की सफलता की कहानी.

सालाना 25 लाख की कमाई

12 वीं तक पढ़े इशाक ने 2007 में सौंफ की खेती शुरू की. इसके पहले वे अपने पिता के साथ परंपरागत खेती करते थे. लगभग 15 एकड़ में सौंफ बो रखी है जिससे हर वर्ष वे 25 टन उत्पादन लेते हैं. जिससे उन्हें लगभग 25 लाख रुपये की सालाना कमाई होती है. यही वजह है कि उन्हें राजस्थान का 'सौंफ किंग' कहा जाने लगा है. उनसे सौंफ का बीज देश भर के कई किसान लेते हैं. यही वजह है कि वे आसपास के क्षेत्रों के दूसरे की किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं. 

 

आबू सौंफ 440 किस्म

इशाक का कहना है कि एक एकड़ में सौंफ की खेती करने में 30 से 35 हजार रूपये का खर्च आता है. इसके लिए वे सौंफ की उन्नत किस्म की बुवाई करते हैं. सौंफ की खेती के अलावा इशाक खुद की नर्सरी भी चलाते हैं. आज वे 50 से अधिक लोगों को रोजगार दे रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने सौंफ की उन्नत किस्म ‘आबू सौंफ 440’ खुद विकसित की है. वे बताते हैं कि उनकी इस किस्म की राजस्थान के अलावा गुजरात में भी मांग रहती है.

क्यारियों के बीच 7 फीट की दूरी

वे बताते हैं कि कोई भी नई फसल उगाने से पूर्व यह जानकारी जरूर ले लेना चाहिए कि वह आपके इलाके के लिए उचित है या नहीं है. उन्होंने भी सौंफ की खेती के करने के पहले बीज, बुवाई और सिंचाई करने का विधिवत प्रशिक्षण लिया है. यही वजह हैं कि वे बंपर उत्पादन ले पाते हैं. उन्होंने बताया कि जहां लोग सौंफ की खेती के लिए कतार से कतार की दूरी आमतौर पर 2-3 फीट रखते हैं लेकिन वे यही दूरी 7 फीट की रखते हैं. इस वजह से उन पैदावार भी अधिक मिलती है. 

English Summary: This farmer is studying 12th, earning a hefty profit from fennel cultivation, earning 25 lakh annually
Published on: 08 February 2021, 07:18 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now