‘पोटैटो किंग’ मनोहर सिंह: आलू की खेती से 30 करोड़ टर्नओवर और 80 करोड़ का मजबूत FPO नेटवर्क Success Story: प्राकृतिक खेती से संजीव कुमार की बदली तकदीर, लागत में आई 60% तक कमी, आमदनी में हुई 40% तक वृद्धि कृषि में मशीनों के उपयोग में STIHL की भूमिका: भारतीय खेती के लिए आधुनिक समाधान Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 5 August, 2023 12:09 PM IST

देश में आज आनाज की बात करें तो कृषि दृष्टि से यह बहुत ही उन्नत देशों की श्रेणी  में आता है. भारत में फसल का विभाजन मुख्यतः तीन भागों में किया जाता है जिन्हें हम रबी, खरीफ और जायद के अनुसार विभाजित करते हैं. इन्हीं के अनुसार हम खेती में तरह-तरह की फसलों को बोने से लेकर काटने तक का समय निर्धारित करते हैं. इन्हीं फसलों में भारत की एक सबसे प्रमुख फसल गेंहूं होती है जिसकी जरुरत आज सभी घरों में होती है.

भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा गेंहू उत्पादक देश है. अगर हम विश्व में इनकी उत्पादकता की बात करें तो हम तीन शीर्ष देशों में चीन, भारत और रूस हैं. भारत में इतने बड़े उत्पादन के बाद भी प्रति व्यक्ति गेहूं की मात्रा केवल 69 किलोग्राम प्रतिव्यक्ति होती है. यह वहीं चीन में प्रतिव्यक्ति इसकी पहुंच लगभग 95 kg/व्यक्ति की पहुंच होती है. लेकिन रूस में प्रतिव्यक्ति गेंहूँ के उत्पादन की बात करें तो यह लगभग 450 kg होती है.

वर्तमान में देश में इतने बड़े उत्पादन के बाद भी आज देश में गेहूं को लेकर कमी आई हुई है. केंद्र सरकार इसकी पूर्ति के लिए भी रूस से गेंहूं के आयात पर विचार कर रही है. भारत में इस बार कुछ मौसमी मार को लेकर अपेक्षा से कम गेहूं के उत्पादन के कारण लगातार गेहूं की कीमतों में बढ़ोत्तरी होती जा रही है. आपको जानकारी के लिए बता दें कि सरकार द्वारा गेंहूं की तय की गई MSP की कीमत 2125 रुपये है. लेकिन गेहूं की कमी को देखते हुए बाज़ार में यह 2500 से लेकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल के भाव तक में बिक रहा है. 

यह भी पढ़ें- भारत में होगी हींग की खेती, जानें कैसे होंगे किसान मालामाल

इन्हीं बढ़ती कीमतों को देखते हुए भारत सरकार ने रूस से 90 लाख टन गेहूं की खरीद का निर्णय लिया है. अमेरिकी एग्रीकल्चर डिपोर्टमेंट के अनुसार वर्ष 2023 में भारत में गेहूं का उत्पादन 10.8 करोड़ टन होगा. लेकिन भारत सरकार के अनुसार मौसम की मार और ज्यादा बारिश के चलते यह आंकड़ा 10.3 लाख टन उत्पादन की संभावना जताई है. भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में गेहूं का कुल उत्पादन 10.77 करोड़ टन था.

English Summary: Wheat Price India will import wheat from Russia to stop rising prices
Published on: 05 August 2023, 12:17 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now