RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 4 September, 2020 4:03 PM IST

उत्तर प्रदेश के शिवराजपुर के नधिया बुजुर्ग गांव के युवा किसान ने एक मिसाल कयाम की है. कहा जाता है कि आवश्यकता विज्ञान की जननी है. इसी कहावत को 28 वर्षीय एक युवा किसान ने सच कर दिखाया है. दरअसल, जब डीजल के दाम आसमान छूने लगे, तो युवा किसान ने एलपीजी से पम्पिंग सेट चला दिया.

10वीं पास है युवा किसान

युवा किसान का नाम सोनू तिवारी है, जो कि नधिया बुजुर्ग गांव में रहते हैं. उन्होंने 10वीं तक ही पढ़ाई की है. पिता का देहांत होने के बाद परिवार की जिम्मेदारी ऊपर आ गई. इसके बाद मात्र 2 एकड़ खेती ही परिवार की आमदनी का साधन बन गई है.

एलपीजी से चलाया इंजन

आज के समय में डीजल के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इससे फसलों की सिंचाई में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था. ऐस में युवा किसान के मन में कुछ नया करने का विचार आया कि जब पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से इंजन चल सकते हैं, तो एलपीजी से क्यों नहीं. बस इसके बाद युवा किसान एलपीजी को लेकर खेत में पहुंच गए और इंजन स्टार्टकर मन में आए विचार को मूर्तरूप देने में जुट गया. लगभग 1 घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार कामयाबी मिल ही गई. युवा किसान ने बिना किसी दिक्कत के एलपीजी से इंजन चला दिया. यहां तक इससे धुंआ भी नहीं निकल रहा था.

युवा किसान का कहना है कि इससे पहले इंजन को चालू करने के लिए डीजल का उपयोग किया जाता है. मगर अब ईयर क्लींजर में एलपीजी की नली को उसके अंदर नेजूल से फिक्स कर दिया जाता है. इससे लगातार इंजन चलता रहता है. रेगुलेटर की सहायता से गैस आपूर्ति कम और ज्यादा भी कर सकते हैं.

कम लागत में 35 घंटे चल सकता है इंजन

आपको बता दें कि एलपीजी के दाम मात्र 609 रुपए है. इसमें 14 किलो 200 ग्राम गैस होती है. किसान का कहना है कि एक सिलेंडर से 35 घंटे इंजन चलाकर सिंचाई की जा सकती है. इसमें 17 रुपए 50 पैसे की लागत आ जाती है, जबकि इंजन डीजल से चलाने पर 75 प्रति घंटे की लागत आती है. इस तरह किसान अपने समय और लागत, दोनों की बचत कर सकते हैं.

ये खबर भी पढ़े: कंबाइन हार्वेस्टर मशीन जैसे कृषि यंत्रों से करें धान की कटाई, लागत और समय की होगी बचत

English Summary: The young farmer operated the pumping set with LPG
Published on: 04 September 2020, 04:07 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now