Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 24 January, 2019 3:05 PM IST

महाराष्ट्र सरकार ने अपनी एक योजना के तहत किसानों को देसी गाय देने का फैसला किया गया है. पशुपालन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, राज्य सरकार सामान्य वर्ग, आदिवासी समुदाय और अनुसूचित जाति (SC) के किसानों को उप योजना (SCSP) के तहत दुधारु पशु वितरित करेगी.  इस योजना के रूप में सरकार ने 2015 से छह- चार या दो दुधारू गायों या भैंसों को वितरित करने का निर्णय लिया था.

अब तक राज्य सरकार इस योजना के तहत गायों की विदेशी किस्मों, जैसे होल्स्टीन फ्रेशियन (एचएफ) और जर्सी को देती थी. लेकिन, गायों की देशी नस्लों की संख्या को संरक्षित करने और बढ़ाने के लिए, यह अब देसी गायों को भी इस योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है.

ये भी पढ़ें - यह गाय प्रतिदिन देती है 12 लीटर से अधिक दूध...

उन्होंने कहा कि योजना के तहत किसानों को साहीवाल, गिर, देवनी, लाल सिंधी, राठी, थारपारकर, गौलाओ, लाल कंधारी और डांगी गायों की नस्लें दी जाएंगी.

अधिकारी ने यह भी कहा कि देसी नस्लों में विदेशी गायों की नस्लों की तुलना में दूध उत्पादन क्षमता कम होती है.

जर्सी और होलस्टीन फ्रेशियन (एचएफ) गायों की दूध उत्पादन क्षमता 10 - 12 लीटर प्रतिदिन है. दूसरी ओर, साहीवाल, गिर, थारपारकर, लाल सिंधी, राठी जैसी किस्मों में आठ से दस लीटर दूध देने की क्षमता होती है, जबकि देवनी, लाल कंधारी, गौलाओ और डांगी गायों में 5 से 7 लीटर प्रति लीटर देने की क्षमता होती है.

ये भी पढ़ें - 35 लिटर प्रतिदिन दूध देगी गाय की यह क्रॉस ब्रीड

उन्होंने कहा "हालांकि, गायों की देसी किस्में ज्यादा मजबूत हैं और इन गायों के दूध की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने गायों को किसानों को वितरित करने का फैसला किया है.

यह कदम महाराष्ट्र सरकार की गौ कल्याण नीति का एक हिस्सा है. जिसके तहत राज्य में पुराने और छोड़े गए जानवरों की देखभाल के लिए गोमांस वर्जित किया गया है और गैर-सरकारी संगठनों का चयन किया गया है.

English Summary: Government to Distribute 'Desi' Cows to Farmers in Maharashtra
Published on: 24 January 2019, 03:09 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now