RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 8 January, 2021 9:46 AM IST
Sharbati Wheat

मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग मिलने का मामला सुलझता हुआ दिखाई दे रहा है. दरअसल, एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट डिपार्टमेंट ऑथोरटी (एपीडा) ने जीआइ टैग देने को लेकर उठाई गई आपत्ति वापस लेने का निर्णय लिया है. वहीं इस मामले में अब मिनिस्ट्री ऑफ़ एग्रीकल्चर कार्रवाई करेगा. इधर, ख़बर है कि प्रदेश सरकार भी उच्चतम न्यायालय में दायर अपनी विशेष अनुमति याचिका को वापस ले सकता है. जबकि एपीडा ने राज्य के प्रसिद्ध शरबती गेहूं को जीआई टैग देने के प्रस्ताव को केंद्रीय कृषि मंत्रालय को भेज दिया है. गौरतलब हैं कि कृषि उत्पादों को जीआई टैग देने का फैसला लेने वाली एजेंसी एपीडा है. 

अमरिंदर सिंह ने जताई थी आपत्ति

बता दें कि मध्य प्रदेश के बासमती चावल को जीआई टैग दिलाने के प्रयासों पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पिछले साल अगस्त 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई थी. उन्होंने अपने तर्क में कहा था कि एमपी के बासमती चावल को जीआई टैग मिलने से पंजाब समेत अन्य राज्यों के हित प्रभावित होंगे. साथ ही उन्होंने पत्र में लिखा था कि इससे पड़ोसी देश पाकिस्तान को भी फायदा मिल सकता है. 

सीएम ने भी लिखा था पत्र

पंजाब सीएम के प्रधानमंत्री को लिखें पत्र पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया ज़ाहिर की थी. यहां तक कि उन्होंने पंजाब की कांग्रेस सरकार को किसान विरोधी करार दे दिया था. सीएम शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य के बासमती चावल को जीआई टैग देने के पक्ष में तर्क देते हुए पत्र लिखा था. ऐतिहासिक दस्तावेजों को हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि सिंधिया स्टेट के रिकॉर्ड में दर्ज है कि मध्य प्रदेश के किसानों को साल 1944 में बीज की आपूर्ति की गई थी. 

25 साल से धान का उत्पादन

हैदराबाद स्थित भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान के अनुसार मध्य प्रदेश राज्य में पिछले 25 साल से बासमती धान का उत्पादन किया जा रहा है. यहां के 14 जिलों में बड़े स्तर पर बासमती धान की खेती होती है. बता दें, कि राज्य को जीआई टैग प्राप्त नहीं होने की वजह से  यहां के चावल को बाजार में 'मध्य प्रदेश के बासमती चावल' नाम से नहीं बेचा जा सकता है. इस पर सीएम शिवराज सिंह चौहान का कहना था कि इसका फायदा उठाकर व्यापारी राज्य के बासमती किसानों से कम कीमत पर उनकी उपज खरीदते हैं.

English Summary: Famous Sharbati Wheat of Madhya Pradesh will get GI tag
Published on: 08 January 2021, 09:54 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now