Success Story: 1250 एकड़ में जैविक खेती, देसी गायों की डेयरी और 40 करोड़ का टर्नओवर - लेखराम यादव की सफलता की कहानी Success Story: 72 एकड़ में गन्ने की खेती, इंटरक्रॉपिंग मॉडल और 2 करोड़ का कारोबार - सरताज खान की सफलता की कहानी खेती से 100 करोड़ का टर्नओवर: हेलीकॉप्टर के बाद अब हवाई जहाज से कृषि क्रांति लाएंगे डॉ. राजाराम त्रिपाठी Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 16 May, 2024 1:45 PM IST
कृषि के लिए बजट परिव्यय में 300% से ज्यादा वृद्धि

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया फार्मर एसोसिएशन (FAIFA) ने बुधवार यानी 15 मई 2024 को एक 'भारत के कृषि परिवर्तन' रिपोर्ट जारी की है. इस रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 9 वर्षों में कृषि के लिए बजट आवंटन में लगभग 300% से ज्यादा वृद्धि हुई है. इसके अलावा पीएम किसान योजना से 11 करोड़ से अधिक किसानों ने लाभ उठाया है. लाखों किसानों और कृषि श्रमिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-लाभकारी संगठन FAIFA ने कहा कि, MSP पर दालों की खरीद में भारी उछाल देखने को मिला है जिससे किसानों को फायदा हुआ है.

'भारत के कृषि परिवर्तन' रिपोर्ट

'भारत के कृषि परिवर्तन' शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, किसानों की स्थिति में बदलाव लाने में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने अहम भूमिका निभाई है. इसके अलावा, भारत सरकार ने जैविक खेती को बढ़ावा, महिला किसानों को सशक्त, बुनियादी ढांचा को मजबूत और सेवाओं को डिजिटल बनाने पर रणनीति बनाई है.

ये भी पढ़ें: किसान के बेटे ने रचा इतिहास, विदेश में जीता गोल्ड मेडल, आनंद महिंद्रा ने भी तारीफ

रिपोर्ट की अन्य मुख्य बातें -

  • वित्तीय वर्ष 2022-23 में 330.5 मिलियन मीट्रिक टन से ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन हुआ है.
  •  4.60 लाख से ज्यादा बीज ग्रामों का निर्माण किया गया है और 102 मिलियन मीट्रिक टन बीजों का उत्पादन हुआ है.
  • पिछले नौ साल में कृषि और इससे संबंधित क्षेत्रों में स्टार्टअप की संख्या 7,000 , अधिक हुई है.
  • पिछले 9 वर्षों में 51 प्रतिशत दूध उत्पादन में वृद्धि, 221.06 मिलियन मीट्रिक टन दूध का उत्पादन किया गया है.
  • 2016 से अब तक परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत 11 लाख हेक्टेयर से ज्यादा कवरेज और विभिन्न उपलब्धियां, जो देश के किसानों का प्रतिनिधित्व करती है.

दिल्ली में सेमिनार आयोजित

आपको बता दें, बुधवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में एक सेमिनार आयोजित किया गया. “किसानों की आजीविका सुनिश्चित: टिकाऊ कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि." इस सेमिनार में पूर्व सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने भी हिस्सा लिया. यहां मुख्य वक्ता के रुप में प्रोफेसर एमवी अशोक, वरिष्ठ सलाहकार बीएआईएफ रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन पुणे और पूर्व मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड और डॉ. जेपी टंडन, पूर्व निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद मौजूद रहे.

English Summary: agriculture sector startup surging budget inceased more than 300 percent
Published on: 16 May 2024, 01:49 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now