RFOI Award 2025: UP के सफल किसान मनोहर सिंह चौहान को मिला RFOI अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI - First Runner-Up: सफल किसान लेखराम यादव को MFOI Awards 2025 में मिला RFOI-फर्स्ट रनर-अप अवार्ड, अजय मिश्र टेनी ने किया सम्मानित RFOI Award 2025: केरल के मैथ्यूकुट्टी टॉम को मिला RFOI Second Runner-Up Award, 18.62 करोड़ की सालाना आय से रचा इतिहास! Success Story: आलू की खेती में बढ़ी उपज और सुधरी मिट्टी, किसानों की पहली पसंद बना जायडेक्स का जैविक समाधान किसानों के लिए साकाटा सीड्स की उन्नत किस्में बनीं कमाई का नया पार्टनर, फसल हुई सुरक्षित और लाभ में भी हुआ इजाफा! Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 7 April, 2025 5:26 PM IST
ड्रैगन फ्रूट पिकर और ड्रैगन फ्रूट हार्वेस्टर

बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर ने ड्रैगन फ्रूट की तुड़ाई हेतु दो हैंड हेल्ड तुड़ाई यंत्र  विकसित किए हैं और दोनों ही तुड़ाई यंत्रों को  पेटेंट भारतीय पेटेंट मिल गये हैं . साधारणतः ड्रैगन फ्रूट को घुमाकर तोड़ा जाता है और चूंकि कैक्टस प्रजाति का होने के कारण इसका पौधा कोमल होता है इससे पौधे में नुक़सान होता है. साथ ही साथ फलों का  कुछ हिस्सा भी टूटकर कभी कभी पौधों पर लगा रह जाता है जिसे फलो की शेल्फ़ लाइफ एवं मार्केट वैल्यू में प्रभाव पड़ता है.

कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा विकसित दोनों हार्वेस्टिंग उपकरण नवोन्मेषी है और इन्हें उपयोग करना बहुत ही आसान है और इनसे बड़ी आसानी से फलों की तुड़ाई की जा सकती हैं.

दोनों ड्रैगन फ्रूट पिकर के विकास में डॉ वसीम सिद्दीक़ी, डॉ. शमीम, डॉ. सत्यनारायण, डॉ. महेश, डॉ. सिंह, डॉ. फोजिया एवं डॉ सनोज कुमार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है. यह हार्वेस्टर कम खर्चे वाले एवं टिकाऊ हैं और इससे किसानों को बहुत लाभ होने की उम्मीद है साथ ही साथ ड्रैगन फ्रूट बागानों में दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने में कारगर होगी. यह नवाचार विशेष रूप से सामयिक है, क्योंकि बिहार सरकार ने ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है. ड्रैगन फ्रूट विकास योजना के तहत 21 जिलों में बड़े पैमाने पर खेती को प्रोत्साहित करने के लक्ष्य के साथ, किसानों को 40% सब्सिडी मिलेगी जिससे किसानों की आय और उत्पादकता में वृद्धि होगी, साथ ही राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था में भी वृद्धि होगी.

“बिहार में नयी नयी बाग़वानी फसलों को बढ़ावा देने के लक्ष्य में खेती में आसानी लाना है जिस से कम लागत में किसान बंधु अधिक मुनाफ़ा ले सके. दोनों ड्रैगन फ्रूट पिकर के विकास से तुड़ाई लागत कम की जा सकेगी और किसानों को अधिक लाभ मिलेगा.

डॉ डी आर सिंह
कुलपति, बि कृ वि, सबौर

English Summary: Agricultural University Sabour got two Indian patents for developing dragon fruit picker
Published on: 07 April 2025, 05:31 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now