खुशखबरी! किसान अब सोलर पावर प्लांट लगाकर बेच सकेंगे बिजली, 25 साल तक होगी तगड़ी कमाई खुशखबरी! किसान अब सोलर पावर प्लांट लगाकर बेच सकेंगे बिजली, 25 साल तक होगी तगड़ी कमाई सरकार का बड़ा कदम: फर्जी BPL कार्ड पर 20 अप्रैल से पहले सुधारें डेटा, नहीं तो होगी FIR! सरकार का बड़ा कदम: फर्जी BPL कार्ड पर 20 अप्रैल से पहले सुधारें डेटा, नहीं तो होगी FIR! Black Pepper: छत्तीसगढ़ का कोंडागांव बना काली मिर्च का नया हब, जानें कैसे यहां के किसान बढ़ा रहे अपनी उपज Black Pepper: छत्तीसगढ़ का कोंडागांव बना काली मिर्च का नया हब, जानें कैसे यहां के किसान बढ़ा रहे अपनी उपज Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 8 May, 2020 12:00 AM IST

भारत में अमरूद को एक लोकप्रिय फल माना जाता है. अलग-अलग राज्यों में इसकी अलग-अलग किस्मों की खेती होती है. इसके आर्थिक व व्यवसायिक महत्व को नकारा नहीं जा सकता और यही कारण है कि किसानों का रुझान इसकी तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन अमरूद की खेती में सबसे बड़ी समस्याएं कीटों के प्रकोप की आती है. ऐसे में कीटों और उनसे होने वाले रोगों के बारे में जानना जरूरी है. चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कैसे आप अमरूद को कीटों के प्रकोप से सुरक्षित रख सकते हैं.

फल मक्खी

फल मक्खी अमरूद की खेती को बड़े स्तर पर प्रभावित करती है. ये छोटी अवस्था में ही अमरूदों पर बैठकर अपना अंडा छोड़ देती है. इसके अंडे बाद में जाकर सुंडी में बदल जाते हैं. इसके प्रभाव में अमरूदों में सड़न की समस्या होने लगती है.

उपचार

इसके उपचार के लिए मिथाइल यूजोनिल ट्रेप पेड़ों पर 5 से 6 फीट की ऊंचाई पर लगाना चाहिए. फल मक्खी ट्रेप मक्खियों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रकार की गंध छोड़ती है. इसको कली से फल बनने के समय पर ही बगीचों में लगाना चाहिए.

छाल भक्षक कीट

इस कीट का प्रकोप अमरूदों पर पड़ता है. इसका अंदाजा पौधों पर अपशिष्ट, लकड़ी के टुकड़ों तथा अनियमित सुरंग की उपस्थिति से लगाया जा सकता है. इसकी लटे अमरूद की छालों एवं शाखाओं पर छेद करके अंदर से रेशमी धागों का निर्माण करती है. इससे प्रभावित होकर पौधा कमजोर होने लगता है और शाखाएं सूख जाती है.

उपचार

इन कीटों से छुटकारा पाने के लिए डाईक्लोरोवास से भीगे रुई का फोहा या क्लोरोपायरीफॉस को इंजेक्शन के रूप में उपयोग करना है.

फल बेधक कीट

आम तौर पर माना जाता है कि फल बेधक कीट अरंडी फसल को नुकसान पहुंचाता है. लेकिन हम आपको बता दें कि ये बहुभक्षी कीट है और अमरूदों पर भी इसका हमला होता रहता है.

उपचार

सबसे पहले तो प्रभावित फलों को एकत्र कर उन्हें नष्ट कर देना चाहिए. इसके बाद कार्बोरील या इथोफेनप्रोक्स का उपयोग किया जा सकता है. ध्यान रहे कि छिड़काव के 15 दिन तक फलों की तुड़ाई न की जाएं.

(आपको हमारी खबर कैसी लगी? इस बारे में अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर दें. इसी तरह अगर आप पशुपालन, किसानी, सरकारी योजनाओं आदि के बारे में जानकारी चाहते हैं, तो वो भी बताएं. आपके हर संभव सवाल का जवाब कृषि जागरण देने की कोशिश करेगा)

English Summary: this is how you can protect guava from insects know more about guava farming
Published on: 08 May 2020, 11:43 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now