Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 22 April, 2020 12:00 AM IST

कृषि विज्ञान केन्द्र परवाहा- औरैया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हेड डॉ. अनन्त कुमार ने लीची फल उत्पादक कृषकों के लिए नयी तकनीकी का इजात किया है. जिसमें लीची के उत्पादक किसानों की सबसे बड़ी समस्या लीची का फल एक साथ एवं कम अवधि में पककर तैयार हो जाना है. नतीजतन किसानों  के पास भण्डारण की व्यवस्था न होने के कारण लीची का दाम बहुत तेजी से गिर जाता है. जिससे किसान लीची के फल को औने-पौने दर पर बेंचने को मजबूर हो जाता है. जिससे उसे बहुत अधिक आर्थिक रूप से हानि उठानी पड़ती है.     

डॉ. अनंत कुमार ने निकाला समाधान

इस समस्या को दूर करने के लिए डॉ. अनंत कुमार के मुताबिक, लीची उत्पादक किसान लीची पकने के 10 दिन पहले लीची के प्रत्येक वृक्ष के चारों तरफ लीची के वृक्ष से 2 से 3 मीटर छोड़कर गुड़ाई करके चारों तरफ मेड बना दें. एवं वृक्ष के उम्र के हिसाब से 2.50 ग्राम से 1 किग्रा. यूरिया डालकर सिंचाई करें. इससे लीची की परिपक्यता अवधि 15-20 दिन तक बढ़ोत्तरी हो जाती है. जिससे कृषकों को आर्थिक रूप से हानि नहीं उठाना पड़ता है. और कृषकों को अच्छा मूल्य मिलता है. यह तकनीकी लीची के उत्पादक कृषकों के लिए वरदान साबित हो रहा है.

English Summary: New technology for litchi fruit growing farmers
Published on: 22 April 2020, 12:48 IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now