देश में आज समय में चाहे वो किसान हो या फिर युवा हर कोई अपना बिजनेस शुरु करने की सोचता है, लेकिन उनके सामने समस्या यह खड़ी हो जाती है कि बिना बजट के कैसे मुर्गी पालन बिजनेस शुरु करें, तो ऐसे में यूपी सरकार मुरादाबाद जिले के किसानों को पशुपालन विभाग की पोल्ट्री विकास योजना के तहत प्रदान कर रही है आर्थिक सहायता. इस योजना के तहत सरकार पोल्ट्री यूनिट स्थापित करने पर बैंक लोन और ब्याज अनुदान की मदद मुहैया करा रही है. अगर आप भी पोल्ट्री फार्म लगाने में इच्छुक है, तो योजना के बारे में पूरी जानकारी यहां पढ़ें.
कितनी मुर्गियों से शुरू कर सकते हैं पोल्ट्री फार्म?
अगर आप किसान या पशुपालक है और पोल्ट्री फार्म लगाने की योजना बना रहे हैं तो यह सरकारी योजना आपके लिए फायदेमंद विकल्प साबित हो सकती है. यानी की योजना के अनुसार आप इस करोबार की शुरुआत 10,000 मुर्गियों की क्षमता वाली यूनिट से भी कर सकते हैं और इसके बाद आप चाहे तो क्षमता और प्रोजेक्ट के आकार के अनुसार यूनिट को बड़ा सकते हैं.
इसके अलावा, अगर आप 10,000 मुर्गियों का यूनिट लगाते हैं, तो इसमे करीबन 1 करोड़ रुपये की लागत आती है और परियोजना के तहत बैंक से लगभग 70 लाख रुपये का लोन मिल सकता है, जबकि करीब 30 लाख रुपये की राशि लाभार्थी को लगानी होती है.
1 करोड़ की यूनिट में कैसे होगा खर्च का इंतजाम?
अगर आपको मन में सवाल है कि योजना के तहत 1 करोड़ यूनिट पर कैसे होगा खर्च का इंतजाम तो बता आप इस उदाहरण के तौर पर समझें. इसमें करीब 70 प्रतिशत राशि बैंक लोन के रूप में और 30 प्रतिशत राशि मार्जिन मनी के तौर पर स्वयं लगानी होती है.
यानी अगर पोल्ट्री यूनिट की कुल परियोजना लागत 1 करोड़ रुपये है, तो-
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कुल परियोजना लागत: 1 करोड़ रुपये
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बैंक लोन: 70 लाख रुपये
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लाभार्थी की हिस्सेदारी: 30 लाख रुपये
कब तक कितना मिलेगा ब्याज अनुदान?
अगर आप इस सरकारी योजना में आवेदन करने में इच्छुक है और यह जानना चाहते है कि कितने साल और कितना मिलेगा अनुदान तो आपको बता दें कि सरकार इस योजना के तहत 5 साल तक 7 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा, ताकि पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने वाले पशुपालकों पर शुरुआती वर्षों में पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम कर अच्छी आमदनी कर सकें.
आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत?
योजना का लाभ लेने के लिए सामान्य दस्तावेजों की जरूरत बताई गई है. इनमें मुख्य रूप से आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और फैमिली आईडी या परिवार पहचान पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं.
इसके अलावा, जिस जमीन पर पोल्ट्री प्रोजेक्ट स्थापित किया जाना है, उससे संबंधित खसरा-खतौनी जैसे भूमि दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं. परियोजना की प्रकृति के अनुसार विभाग या बैंक अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है.
पशुपालक कहां लें जानकारी?
मुरादाबाद में योजना से संबंधित जानकारी के लिए इच्छुक पशुपालक पशुपालन विभाग या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. आवेदन से पहले विभाग से यह भी पता कर लें कि वर्तमान में योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू है या नहीं और संबंधित बैंक/विभाग द्वारा कौन-कौन सी शर्तें लागू हैं.
लेखक: रवीना सिंह