Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 22 March, 2021 5:33 PM IST
फूलों की खेती को सरकार देगी बढ़ावा

गुलाब (Rose) एक ऐसा फूल है, जो दिखने में जितना अधिक सुन्दर होता है, उससे कहीं ज्यादा औषधीय गुणों से भरपूर होता है. इसे सबसे पुराना सुगन्धित फूल माना जाता है. बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए देशभर के कई राज्यों में किसान गुलाब की खेती (Rose Cultivation) करते हैं. आमतौर पर गुलाब का पौधा ऊंचाई में 4 से 6 फुट का होता है. इसके तने में असमान कांटे लगे होते हैं. 

इसके साथ ही गुलाब की 5 पत्तियां मिली हुई होती हैं. गुलाब का फल अंडाकार होता है, तो वहीं इसका तना कांटेदार, पत्तियां बारी-बारी से घेरे में होती है. इसकी पत्तियों के किनारे दांतेदार होती है. इसकी की खेती उत्तर और दक्षिण भारत के मैदानीव पहाड़ी क्षेत्रों में जाड़े के दिनों में की जाती है. यानी अभी किसानों के खेतों में गुलाब लगा होगा. ऐसे में किसानों को पौधे के विकास पर उचित ध्यान देना चाहिए, ताकि गुलाब की अच्छी पैदावार प्राप्त हो सके. इस संबंध में कृषि जागरण द्वारा गुलाब की खेती करने वाले सफल किसान रविन्द्र सिंह तेवतिया से बातचीत की गई, जो कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं. इस दौरान उन्होंने बताया कि मार्च और अप्रैल में गुलाब की खेती (Rose Cultivation) करने वाले किसानों को किन-किन बातों का विशेष ध्यान रखना है.

मौसम बदलाव के समय सावधानी (Caution during weather change)

रविन्द्र सिंह तेवतिया का कहना है कि जब मौसम में बदलाव होता है. यानी सर्दी से गर्मी के मौसम में प्रवेश करते हैं, तब पौधे का विकास हो रहा होता है. ऐसे में पौधे में बुवाई के बाद खरपतवार उग आती है, क्योंकि बुवाई के बाद फसल को दैनिक सिंचाई की आवश्यकता होती है, इसलिए हर 1 से 2 महीने के बाद और फिर 3 से 4 महीने में खरपतवार को निकालना जरूरी होता है.

पौधों का कीट व रोगों से बचाव (Protection of plants from pests and diseases)

मौसम बदलाव के कारण कई बार गुलाब में कई तरह के कीट और रोग का प्रकोप हो जाता है, इसलिए इसके बचाव के लिए पौधों पर सही कीटनाशकों का छिड़काव करना ज़रूरी होता है. रविन्द्र सिंह ने बताया कि अक्सर गुलाब में थिप्स और माइट कीट का प्रकोप हो जाता है, इसलिए इस स्थिति में कीटनाशक का प्रयोग करना चाहिए.

कीट की रोकथाम (Pest prevention)

  • गुलाब में कीट प्रबंधन के लिए खेत में सफाई बनाए रखें.

  • ग्रसित पौधे के भागों को नष्ट कर दें.

  • डाइमेथोएट 2 ग्राम प्रति लीटर पानी के घोल का 10 से 15 दिन के अन्तराल पर छिड़क दें.

  • दीमक को नियंत्रित करने के लिए हर पौधे की मिट्टी में 10 से 15 ग्राम फोरट डालना चाहिए.

फूलों की छटाई (flower trim)

गुलाब की खेती में फूल की एक या दो पंखुडियां खिल जाए, तो फूल को पौधे से अलग कर देना चाहिए. इसके लिए तेज़ धार वाले चाक़ू या ब्लेड का इस्तेमाल करना चाहिए. फूल को काटने के तुरंत बाद पानी से भरे बर्तन में रख दें. इसके बाद कोल्ड स्टोरेज में रख दें. इसका तापमान करीब 10 डिग्री तक होना चाहिए. इसके बाद फूलों की ग्रेडिंग की जाती है, जिसे कोल्ड स्टोरेज में ही पूर्ण किया जाता है. इसी को फूलों की छटाई भी कहा जाता है.

गुलाब की खेती के लिए अन्य ज़रूरी बात (Other important things for rose cultivation)

रविन्द्र सिंह तेवतिया का कहना है कि गुलाब की खेती में फूलों को बढ़ाने के लिए बर्ड कैप का इस्तेमाल करना चाहिए. इससे आप फूलों को करीब 4 दिनों तक सुरक्षित रख सकते हैं.

गुलाब की खेती से मुनाफ़ा (Profit from rose cultivation)

गुलाब की खेती से मुनाफ़ा कमाना सीजन पर निर्भर करता है. रविन्द्र सिंह तेवतिया ने बताया कि मौजूदा समय में फूल 40 से 120 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है, जो कि अप्रैल में 100 से 150 रुपअ प्रति किलो तक पहुंच जाएगा. बता दें कि अप्रैल मं शादी का सीजन शुरू हो जाता है. इसके अलावा फरवरी में फूलों की कीमत 500 रुपए प्रति किलो तक थी. इस तरह किसान गुलाब की खेती से अच्छा मुनाफ़ा कमा सकते हैं.

इतनी मिलेगी गुलाब की खेती पर सब्सिडी (Subsidy will be available on rose cultivation)

सरकार गुलाब के फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 व पॉली हाउस में 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है. जिले को इस बार इन फूलों के पौधों के लिए ज्यादा से ज्यादा 100 हेक्टेयर का लक्ष्य  तय किया गया है, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसका लाभ सिर्फ लघु व सीमांत कृषकों को ही दिया जायेगा.  

English Summary: Rose farming farmers take special care of many things in the month of April
Published on: 22 March 2021, 05:33 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now