Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 8 June, 2020 4:09 PM IST
Kharif Crop Farming

मानसून से किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई करने में काफी मदद मिल जाती है. इसके साथ ही फसलों का रकबा भी बढ़ जाता है. मानसून के दस्तक देने के बाद किसान अपने खेतों को लेकर काफी सक्रिय हो जाते हैं. कई किसान तो खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां भी करना शुरू कर देते हैं.

आपको बता दें कि मानसून की बारिश धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर और उर्द समेत कई सब्जियों की फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है. साफ शब्दों में कहा जाए, तो खरीफ की फसल मानसून पर निर्भर होती है. जून महीने के अंतिम दिनों में मानसून ज्यादा सक्रिय होता है. इसके सक्रिय होने से पहले यानी जून के पहले सप्ताह में प्री मानसून होता है. इससे किसानों को अपने खेत तैयार करने का समय मिल जाता है.

आधुनिक समय में किसान ने हल और बैल की जगह ट्रैक्टर से जुताई करना शुरू कर दिया है. समय के साथ खेती का बैलों का रिश्ता अब कुछ खास नहीं दिखता. पहले के समय में खेती में बैलों का उपयोग करते थे, लेकिन बदलते दौर में बैलों का उपयोग काफी कम हो गया है.

ऐसा प्री मानसून की वजह से मुमकिन हो पाया है. मानसून की बारिश की वजह से किसानों के लिए खेत की जुताई करना आसान हो गया है. जब तक मानसून सक्रिय होता है, तब तक फसलों की बुवाई हो जाती है फिर बारिश होने से फसल की पैदावार अच्छी मिलती है.

ये खबर भी पढ़ें: भैंस पालन में इन 5 बातों पर दें खास ध्यान, मिलेगा बेहतर दूध उत्पादन

धान, अरहर, सोयाबीन, उर्द की फसल को मिलेगा लाभ (Paddy, Arhar, Soyabean, Urd crops will get benefit)

खरीफ सीजन में कई फसलों को प्रमुख माना जाता है. इसमें धान, अरहर, सोयाबीन, उर्द मूंग आदि शामिल है. इन फसलों की बुवाई जून माह के अंत से लेकर 15 जुलाई तक चलती है. इस बीच मानसून की बारिश के होने से फसलों को अच्छा लाभ मिलता है.

English Summary: Monsoon 2020 rains will benefit kharif crops
Published on: 08 June 2020, 04:12 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now