Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 28 September, 2023 5:51 AM IST
Malbhog banana .

बिहार का मालभोग केला पूरे देश में अपनी विशेष स्वाद और सुगंध के लिए काफी मशहूर है. मालभोग को प्राइड ऑफ बिहार के नाम से भी जाना जाता है. हम आपको बता दें कि पूरे भारत में केले की 500 से अधिक किस्में उगाई जाती हैं. दूसरी बात ये भी है कि एक किस्म को अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न- भिन्न नाम हैं. मालभोग केला एक उत्तम किस्म का केला है. इस किस्म की खास बात ये है कि इसका पौधा काफी लंबा फल औसत आकार का बड़ा, छाल पतली और पकने पर कुछ सुनहला पीले रंग का होता है. इसमें मालभोग, रसथली, मोर्तमान, रासाबाले, एवं अमृतपानी आदि केले आते हैं

 हम आपको बता दें कि बिहार से अब धीरे- धीरे मालभोग केला गायब हो रहा है.अब महज इसकी खेती शौख के लिए कि जाती है. लेकिन बिहार कृषि विभाग ने एक बार फिर से मालभोग केले की खेती के लिए योजना बना रही है. संभवत: एक बार फिर से बिहार में मालभोग केले की सुगंध वापस लौटेगी.

 

मालभोज केले की खेती अब क्यों नहीं होती ?

बिहार का मालभोग केले की पहचान किसी समय में पूरे देश में खूब था लेकिन कुछ सालों से मालभोग केले की खेती पूरी तरह से बंद हो गई थी. अब बिहार के कुछ इलाकों में ही लोग बस नाम के लिए मालभोग केले की खेती करते हैं.  हम आपको बता दें कि मालभोग केले की  प्रजाति कुछ हद तक बीमारियों ने बर्बाद किया तो कुछ भौगोलिक कारण भी रहा है. मशहूर केला मालभोग पनामा विल्ट रोग की वजह से लुप्त होने की कगार पर है. इसकी खेती बिहार के हाजीपुर के आस पास के कुछ गांवों तक सीमित रह गई है.

आइये जानते हैं क्या है पनामा विल्ट रोग

 पनामा विल्ट एक प्रकार का कवक रोग है.  जो पूरी तरह  से केले की फसल बर्बाद कर देता है. पनामा विल्ट फुसैरियम विल्ट टीआर-2 नामक कवक के कारण होता है. जिससे केले के पौधों का विकास रुक जाता है. इस रोग के लक्षणों की बात करें तो केले के पौधे की पत्तियां भूरी होकर गिर जाती हैं और तना भी सड़ने लगता है. इसी बीमारी की वजह से बिहार का मालभोग केले की खेती रुक गई है.

इसे भी पढ़ें :बिहार की लोकप्रिय मिठाई सिलाव का खाजा, जिसमें होती हैं 52 परतें, इतिहास जानकर हो जाएंगे हैरान

रोग प्रतिरोधक क्षमता को रोक कर फिर से की जाएगी बिहार में मालभोग केले की खेती

कुछ सालों से बिहार में मालभोग केले की खेती  पनामा विल्ट रोग की वजह से नहीं होती थी.लेकिन कृषि विभाग ने केले की कई परंपरागत प्रजातियों की खेती की योजना बना रही है जिसमें मालभोग केला भी शामिल है. केले की फसल में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए बिहार के कृषि विश्वविद्यालयों को शोध करने की जिम्मेदारी दे दी गई है.साथ ही मालभोग केले के साथ- साथ बिहार के परंपरागत केले के पौधे का उसके अनरुप जलवायु वाले इलाकों मे रोपण भी किया जाएगा.

 

English Summary: Malbhog banana of Bihar is famous for its taste and aroma
Published on: 28 September 2023, 06:31 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now