How to Check Fertilizer is Real or Fake: मौजूदा वक्त में खरीफ फसलों की कटाई हो रही है. वहीं, देश के कुछ इलाकों में रबी फसलों की बुवाई शुरू हो गई है. मालूम हो कि देश के ज्यादातर किसान अभी भी डीएपी, पोटाश, जिंक सल्फेट और यूरिया समेत कई उर्वरक आदि डालकर ही बुवाई करते हैं. आसमान छूती खाद की कीमतों के बीच नकली खाद मिल जाने की वजह से कई बार किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ जाता है. वहीं, अगर किसान थोड़ी सतर्कता बरते तो वो घाटे से बच सकते हैं.
ऐसे में आइए आज कृषि विभाग उत्तर प्रदेश के अनुसार विस्तार से जानते हैं असली और नकली डी.ए.पी. खाद, यूरिया खाद, सुपर फास्फेट खाद, पोटाश खाद, जिंक सल्फेट खाद की पहचान कैसे करें-
डी.ए.पी. खाद की पहचान कैसे करें?
डी.ए.पी.के कुछ दानों को हाथ में लेकर तंबाकू की तरह उसमें चूना मिलाकर मलने पर यदि उसमें से तेज गंध निकले जिसे सूंघना मुश्किल हो जाये, तो समझें कि ये डी.ए.पी. असली है. डी.ए.पी.को पहचानने की एक और सरल विधि है. यदि हम डी.ए.पी. के कुछ दाने धीमी आंच पर तवे पर गर्म करें यदि ये दाने फूल जाते हैं तो समझ लें यही असली डी.ए.पी. है. डी.ए.पी. के कठोर दाने भूरे काले एवं बादामी रंग के होते है और नाखून से आसानी से नहीं टूटते हैं.
यूरिया खाद की पहचान कैसे करें?
यूरिया की असली पहचान है इसके सफेद चमकदार लगभग समान आकार के कड़े दाने इसका पानी में पूर्णतया घुल जाना तथा इसके घोल को छूने पर शीतल अनुभूति होना ही इसकी असली पहचान है. इसके अलावा, यूरिया को तवे पर गर्म करने से इसके दाने पिघल जाते हैं. यदि हम आंच तेज कर दें और इसका कोई अवशेष न बचे तो समझ लें यही असली यूरिया है.
सुपर फास्फेट खाद की पहचान कैसे करें?
सुपर फास्फेट खाद की असली पहचान है इसके सख्त दाने तथा इसका भूरा काला बादामी रंग. इसके कुछ दानों को गर्म करें यदि ये नहीं फूलते है तो समझ लें यही असली सुपर फास्फेट है. ध्यान रखें कि गर्म करने पर डी.ए.पी. व अन्य काम्प्लेक्स के दाने फूल जाते हैं. जबकि सुपर फास्फेट के नहीं इस प्रकार इसकी मिलावट की पहचान आसानी से की जा सकती है. सुपर फास्फेट नाखूनों से आसानी से न टूटने वाला उर्वरक है. ध्यान रखें इस दानेदार उर्वरक में मिलावट बहुधा डी.ए.पी. व एन.पी.के. मिक्स्चर उर्वरकों के साथ की जाने की संभावना बनी रहती है.
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पोटाश खाद की पहचान कैसे करें?
पोटाश की असली पहचान है इसका सफेद नमक तथा लाल मिर्च जैसा मिश्रण. पोटाश के कुछ दानों को नम करें. यदि ये आपस में नहीं चिपकते हैं तो समझ लें की ये असली पोटाश है. एक बात और पोटाश पानी में घुलने पर इसका लाल भाग पानी में ऊपर तैरता रहता है.
जिंक सल्फेट खाद की पहचान कैसे करें?
जिंक सल्फेट की असली पहचान ये है कि इसके दाने हल्के सफेद पीले तथा भूरे बारीक कण के आकार के होते हैं. जिंक सल्फेट में प्रमुख रूप से मैगनीशियम सल्फेट की मिलावट की जाती है. भौतिक रूप से सामान्य होने के कारण इसके असली व नकली की पहचान करना कठिन होता है. एक बात और डी.ए.पी. के घोल मे जिंक सल्फेट का घोल मिलाने पर थक्केदार घना अवशेष बनाया जाता है. जबकि डी.ए.पी. के घोल में मैगनीशियम सल्फेट का घोल मिलाने पर ऐसा नहीं होता है. यदि हम जिंक सफेट के घोल मे पलती कास्टिक का घोल मिलायें तो सफेद मटमैला मांड जैसा अवशेष बनता है. यदि इसमें गाढ़ा कास्टिक का घोल मिला दें तो ये अवशेष पूरा घुल जाता है. इसी प्रकार यदि जिकं सल्फेट की जगह पर मैगनीशियम सल्फेट का प्रयोग किया जाए तो अवशेष नहीं घुलता है.