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Updated on: 21 September, 2021 5:27 PM IST
Barley Varieties

किसानों की आमदनी दोगुनी करना तभी संभव है, जब किसान कम लागत वाली फसलों की उन्नत खेती कर पाएंगे. जौ भी एक ऐसी ही फसल मानी जाती है, जिसकी खेती में खाद व पानी की कम आवश्यकता होती है. अगर जमीन कमजोर है, तब भी किसान जौ की उन्नत खेती (Joo Ki Kheti) अच्छी तरह कर सकते हैं. 

मगर इसके लिए किसानों को जौ की उन्नत किस्मों (Barley Varieties) का चयन करना होगा, जिसकी जानकारी आज कृषि जागरण अपने इस लेख में दे रहा है.

बीएच- 75 (BH- 75)

यह जौ की एक बौनी और 6 कतार वाली अधिक फुटावली किस्म है. इसकी बुवाई सिंचित अवस्था में की जाती है. यह किस्म पीला रतुआ एवं मोल्य रोग की प्रतिरोधी है. इससे प्रति एकड़ लगभग 16 क्विंटल तक उपज प्राप्त हो सकती है.  

बीएच -393 (BH-393)

यह बोनी एवं 6 कतार वाली किस्म है, जो कि पीला और भूरा रतुआ रोग की अविरोधी है. इस किस्म की बुवाई से प्रति एकड़ लगभग 19 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त हो सकता है.  

बीएच- 902 (BH- 902)

जौ की बीएच- 902 किस्म रतुआ एवं झुलसा क्रोधी है. इसकी बुवाई से प्रति एकड़ 20 क्विंटल से ज्यादा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.  

बीएच- 885 (BH-885)

यह किस्म माल्ट के लिए है, जिसकी बालियां 2 कतार वाली होती हैं. इस किस्म की बुवाई से लगभग 20 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त हो सकता है.

बीएच- 946 (BH-946)

जौ की यह किस्म 6 कतार वाली है, जिसकी बुवाई से किसानों को लगभग 21 क्विंटल तक का उत्पादन प्राप्त हो सकता है. यह किस्म हरियाणा राज्य के लिए ज्यादा उपयुक्त मानी गई है.

समय से बुवाई में उपुक्त किस्में (Varieties suitable for timely sowing)

इसके के लिए किसान भाई डीडब्ल्यूआरबी 52, डीएल 83, आरडी 2668, 2503, डीडब्ल्यूआर 28, आरडी 2552, बीएचयू 902, पीएल 426पेऋ एवं आरडी 2592 जैसी किस्मों का उपयोग कर सकते हैं.

सिंचित अवस्था के लिए किस्में  (Varieties for irrigated condition)

सिंचित अवस्था में देरी से बुवाई के लिए ऑडी 2508, डीएल 88 किस्में उपयुक्त मानी गई है.

असिंचित अवस्था के लिए किस्में (Varieties for the unirrigated stage)

असिंचित अवस्था में समय से बुवाई के लिए आरडी 2508, आरडी 2624, आरडी 2660 पीएल 419 किस्म उपयोगी हैं. इसके अलावा, क्षारीय एवं लवणीय मृदा के लिए ऑडी 2552 डीएल 88 एनडीबी 1173 किस्में अच्छी हैं.

बुवाई की विधि (Sowing Method)

किसान भाई जौ की किस्मों की बुवाई मशीन की मदद से कर सकते हैं. इसके लिए बीज को जमीन के अंदर 5 से 6 सेंटीमीटर गहरा बोना चाहिए.

English Summary: Characteristics and yield of barley varieties
Published on: 21 September 2021, 05:32 PM IST

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