Tarbandi Yojana: अब 2 बीघा जमीन वाले किसानों को भी मिलेगा तारबंदी योजना का लाभ, जानें कैसे उठाएं लाभ? Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Subsidy: भेड़-बकरी पालन शुरू करना हुआ आसान! सरकार दे रही 50% सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन! Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया!
Updated on: 28 May, 2022 12:21 PM IST
नींबू की कीमतों में गिरावट

मानसून से पहले बारिश होने पर सब्जियों की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है. जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है. आपको बता दें कि, बाजार में टमाटर की कीमतें (Tomato Price Hike) 100 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई हैं और साथ ही फूल गोभी भी 100 रुपये प्रति किलो बिक रही है.

ये ही नहीं बाजार में लौकी, तोरई से लेकर खीरे तक अन्य सब्जियों की कीमतों में भी लगातार तेजी देखने को मिल रही हैं. इस विषय में व्यापारियों का कहना है कि थोक में सब्जी के दामों में उतनी बढ़ोतरी नहीं हुई है, जितनी फुटकर बाजार में पाई जा रही है. व्यापारियों का यह भी कहना है कि, नींबू की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है. यह गिरावट  35 रुपये प्रति किलो तक आ गई है, लेकिन आम लोगों को अब भी फुटकर में नींबू 125 से 150 रुपये प्रति किलो खरीदना पड़ रहा है. दिल्ली की आजादपुर मंडी में सब्जी व्यापारियों का कहना है कि, इस बार समय से पहले बारिश होने के कारण मंडी में कुछ सब्जियों की आवक कम हुई है और साथ ही टमाटर की आवक भी घटी है, जिससे कीमत में इजाफा हुआ है.

सब्जियों की कीमतों में आई तेजी

देखा जाए तो बाजार में दो दिन पहले टमाटर की कीमत करीब 40 रुपये प्रति किलो के आसपास था, जो बढ़कर 45 से 50 रुपये हो गई है. इसके बाद बाजार में लौकी, तोरई, भिंडी, करेला और खीरे की कीमतों में भी तेजी आई है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, जहां पहले मंडी में खीरा 7 से 8 रुपये किलो था जो बढ़कर 10 रुपये प्रति किलो हो गया. जबकि वहीं देसी खीरे की कीमत 15 से 20 रुपये प्रति किलो तक थी. दिल्ली के बाजारों में भी दिन पर दिन सब्जियों की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है. जैसे कि- सदर, सरोजिनी नगर, करोल बाग, रोहिणी और कुछ इलाकों में अच्छी क्वालिटी का टमाटर 90 से 110 रुपये प्रति किलो बिका, वहीं साप्ताहिक बाजार में टमाटर की कीमतें 80 से 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है. ठीक इस प्रकार से अलग-अलग बाजारों के हिसाब से सब्जी की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, मिलेनियम सिटी में एक महीने पहले तक नींबू की बढ़ी कीमतों (increased prices of lemons) की वजह से लोग को बहुत सी परेशान का सामना करना पड़ रहा था. वहीं अब टमाटर की कीमत ने लोगों के बजट को बिगाड़ दिया है. देखा जाए तो फुटकर में 60 से 80 रुपये प्रति किलो टमाटर बिक रहा है. टमाटर की बढ़ी कीमतों की वजह से यह आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है. ज्यादातर लोग अब टमाटर को खरीदने से बचते है. जहां बाजार में कुछ सप्ताह पहले टमाटर 25 से 30 रुपये किलो लोगों को प्राप्त हो रहा था और अब गुरुग्राम की खांडसा मंडी में भी थोक में टमाटर 35-40 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है.  

बारिश के कारण सब्जियों के दाम बढ़े

जैसे कि आप जानते हैं कि, पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के चलते सब्जियों के दाम में तीन गुना तक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. बाजार में घीया, गोभी, टिंडा, खीरा, तुरई, भिंडी सहित अन्य बाकी सब्जियां भी महंगी हो गई है.

बाजार में जो घीया 10 रुपये किलो बिक रही थी वहीं अब 30 रुपये किलो तक बिक रही है. अगर टमाटर की बात करें तो जो एक सप्ताह पहले बाजार में करीब 30 रुपये किलो तक बिक रहा था आज वहीं बाजार में 60 रुपए किलो तक लोग खरीदने पर मजबूर हो रहे है. सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि, पिछले दिनों हुई बारिश से सब्जियां काफी खराब हो गई इस कारण सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी हुई है.

English Summary: Lime prices fall while tomato crosses Rs 100
Published on: 28 May 2022, 12:25 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now