Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 22 May, 2022 6:00 AM IST

मई के महीने में तरबूजों की बहार सी आ गई है. हरे तरबूज तो हम सबने खाए हैं पर यदि चटख पीले रंग का तरबूज बाजार में आए तो खरीदने का उत्साह दुगना हो जाता है. मई महीने की आग बरसाती गर्मी में तरबूज जैसे फलों की बिक्री बढ़ गई है.

खासकर गर्मी की प्यास बुझाने वाला तरबूज बाजार में इतना आ गया है कि जगह-जगह ढेर लग गए है. इन तरबूजों में पीले रंग के तरबूज लोगों को काफी आकर्षित कर रहे हैं. तरबूज की यह नई किस्म लोगों को कम देखने को मिलती है . इसके दाम हरे रंग के तरबूज के समान होने पर लोग इसे बड़े चाव से खरीद रहे है. इस बार तरबूज की बिक्री पिछले वर्ष से बहुत ज्यादा है. हरे के साथ-साथ पीला तरबूज भी मार्केट में आया है जो लोगों को बहुत पसंद आ रहा है.

विक्रेता बताते हैं कि आने -जाने वाले इस पीले रंग के तरबूज के बारे में अवश्य पूछते हैं. बाजार में तरबूज की कई किस्में है जो दस रूपये से लेकर 25 रूपये प्रति किलो तक अलग-अलग रेटों में बिक रही हैं. 

पीला तरबूज: 3 बीघा में खेती, 25 हजार खर्च, 4 लाख कमाई

इन दिनों सुरेंद्र तिवाड़ी जो जसरापुर (झुंझुनू) से हैं चर्चा इन हैं. इन्होंने लोयल गांव के खेत में पीले तरबूजों की खेती की है. देखने में ये तरबूज जितने आकर्षक हैं, स्वाद में भी उतने ही मीठे हैं. उन्होंने बताया कि कर्नाटक से 40 हजार रुपए बीघा के हिसाब से पीले तरबूज का डीएन-1358 बीज मंगवाया गया.

एक बीघा में 200 ग्राम के हिसाब से तीन बीघा में 600 ग्राम बीज बोया गया. बुआई पर कुल खर्चा 25 हजार रु. आया. एक बीघा में 70 से 100 क्विंटल तरबूज की पैदावार हुई. बाजार में 12 से 15 रुपए किलो तक बिक गया. पीले तरबूज की खेती से उन्हें अब तक 4 लाख की कमाई हो गई.

ये भी पढ़ें: दो युवाओं ने उत्तराखंड के भूतिया गांव को किया आबाद, खेती से गांव को किया गुलज़ार

आंखों को सुहाता है बाहर से पीला और अंदर से लाल तरबूज

ऊपर से पीले दिखने रहे तरबूज अंदर से लाल होते हैं. हाइब्रिड रूप से तैयार किए गए इस पीले तरबूज को हर कोई खाना पसंद कर रहा है. इसे खरबूजे और तरबूज के बीजों से मिलकर तैयार किया है.

गर्मी के सीजन में आमतौर पर शहर में तरबूजों की आवक तेज हो जाती है. ऐसे हरे और धारीदार तरबूजों की मिठास के बीच लोगों को पीले तरबूज हैरत में डाल रहे हैं. आज हर कोई इन सुंदर और अनोखे से दिखने वाले पीले तरबूजों का स्वाद लेने को बेकरार है. पीले तरबूजों की खेती हज़ारों की लागत में लाखों का मुनाफा दे सकती है. 

English Summary: Yellow Watermelons gives profit to farmers
Published on: 22 May 2022, 12:31 AM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now