Success Story: जैविक उत्पादों के सहारे 20 एकड़ में अनार की सफल खेती, आधी हुई लागत, सालाना टर्नओवर 70 लाख रुपये तक! Rabi Crop Farming: रबी मौसम की फसलों की बुआई हेतु खेत की अग्रिम तैयारी फल और फूलों की खेती में प्रूनिंग के लिए उपयोगी हैं ये STIHL के टूल्स, जानें पूरा विवरण Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार!
Updated on: 24 May, 2023 5:12 PM IST
Paddy stubble burning

Punjab: पंजाब-हरियाणा राज्य में पराली जलाने की समस्या काफी दिनों से चली आ रही है. किसानों को धान और गेहूं की पराली के अवशेषों को खेतों में जलाना ज्यादा आसान लगता है. पराली जलाने से प्रदूषण काफी हद तक बढ़ जाता है, जिससे लोगों को न सिर्फ सांस की परेशानी होती है, बल्कि इससे जमीन की उर्वरा शक्ति भी कम हो जाती है. ऐसे में पराली प्रबंधन को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर योजनाओं को लागू करती रहती हैं, लेकिन इसका जमीनी स्तर पर कोई हल नही दिखाई देता है.

राज्य में कई किसान ऐसे भी हैं जो पराली जलाने से बच रहे हैं और दूसरों के लिए मिसाल पेश कर रहे हैं. ऐसी ही एक महिला किसान बीबी कंवरबीर कौर का नाम सामने आया है. जिन्होने अपनी इस काबिलियत से पूरे राज्य का नाम रोशन किया है. आइए आज हम आपको इनकी इस सफलता के बारे में बताते हैं.

गुरदासपुर जिले के अलेचक गांव की किसान बीबी कंवलबीर कौर पिछले कई सालों से बिना आग लगाए फसल की बुवाई कर रही हैं. बीबी कंवरबीर कौर की यह पहल अन्य किसानों के लिए भी मार्गदर्शक का काम कर रही है.

किसान बीबी कंवरबीर कौर का कहना है कि उनके पति सरदार नरिंदर सिंह छीना की 2002 में मौत हो गई थी और फिर घर की सारी जिम्मेदारी उन पर आ गई थी. उन्होंने पति की मौत के बाद सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ खेती का भी जिम्मा संभालना शुरू किया.

कंवरबीर कौर के अनुसार, अलेचक गांव में उनका 12 एकड़ का खेत है और वह पिछले कई सालों से फसल अवशेषों को बिना आग लगाए ही नष्ट कर रही हैं. वह राज्य के कृषि विभाग और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के कृषि वैज्ञानिकों की सलाह को अपनाकर अपने खेतों की पराली को नष्ट कर रही हैं, जिसके उन्हें काफी सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं

ये भी पढ़ें: धान की नई किस्म 'पंजाब बासमती-7' से मिलेगी ज्यादा पैदावार, किसानों की बढ़ेगी आय!

उन्होंने कहा कि इस बार भी उन्होंने करीब 10 एकड़ में धान की पीआर लगाई है. किसान बीबी कंवरबीर कौर ने किसान भाइयों से अपील की है कि वह फसल के अवशेष को न जलाएं और अगली बोने वाली फसल की खेती के लिए इसे खाद की तरह से उपयोग करें.

English Summary: woman farmer of Punjab gave an example to the people, does farming without burning the stubble
Published on: 24 May 2023, 05:19 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now