Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Krishi Yantra Yojana: रोटावेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेशर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! सिंचाई के लिए पाइप खरीदने पर किसानों को ₹15,000 तक की सब्सिडी, जानिए पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान STIHL मल्टी-पर्पस स्टेशनेरी इंजन: आधुनिक कृषि और उद्योग के लिए क्रांतिकारी समाधान Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 25 October, 2022 2:04 PM IST
अपने पैशन से यह व्यक्ति कमा रहा लाखों रुपए
अपने पैशन से सौमिक दास कमा रहा लाखों रुपए

जैसे कि आप जानते हैं कि दिल्ली-NCR में लगातार प्रदूषण में इजाफा देखने को मिल रहा है. ऐसे में इन इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सांस लेना बेहद मुश्किल बनता जा रहा है. लेकिन देखा जाए तो गांव में प्रदूषण का स्तर बहुत कम होता है. क्योंकि वहां घरों के अंदर व बाहर चारों तरफ पेड़-पौधे मौजूद होते है.

वहीं शहरों में पेड़ लगाने के लिए ही जगह नहीं होती है. ऐसे में लोग प्रदूषण से कैसे बचेंगे? लेकिन आज हम आपको ऐसे एक व्यक्ति के बारे में बताएंगे, जो दिल्ली में रहकर प्रदूषण से मुक्त है. बता दें कि इनके घर में प्रदूषण और गर्मी का असर बहुत कम होता है. तो आइए इनके अनोखे तरीके के बारे में विस्तार से जानते हैं...

दिल्ली का यह घर है प्रदूषण से मुक्त

आपको बता दें कि दिल्ली में रहने वाले सौमिक दास का घर प्रदूषण से मुक्त है. क्योंकि इनके घर में काफी अधिक संख्या में बोनसाई पेड़ लगे हुए हैं. सौमिक बताते है कि उन्होंने बोनसाई पेड़ और पेजनिंग बनाना एक पैशन के तौर पर पहले शुरू किया था, लेकिन फिर बाद में उन्होंने इसे अपना बिजनेस बना लिया है. बता दें कि अब वह अपने इस बिजनेस को लगभग 25 लाख तक टर्नओवर तक पहुंचा चुके है. उनका कहना है कि इस बिजनेस के चलते प्रदूषण मेरे घर से बहुत दूर है और इसलिए शायद हम सरलता से सांस ले पा रहे हैं और साथ ही उनके आस-पास रह रहे लोगों को भी इसे कई अधिक लाभ पहुंच रहा है.

ऐसे शुरू किया बिजनेस

सौमिक बताते है कि उन्होंने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में पहली बार एक प्रदर्शनी में बोनसाई पेड़ को देखा. जिससे वह बेहद आश्चर्यचकित हुए. वह पेड़ उन्हें इतना अच्छा लगा कि उन्होंने अपने घर में ही बोनसाई के 200 पेड़ लगा दिए. इसके बाद उन्होंने विदेश में जाकर पेनजिंग कला को सीखा. इसके अलावा सौमिक का यह भी कहना है कि बोनसाई के एक पेड़ को तैयार करने के लिए कई साल लग जाते हैं.

इस कार्य में आपको काफी सब्र और धैर्य रखना होता है. अगर आप इसे अधिक लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो आपको पौधों की देखभाल के साथ कटिंग व ग्राफ्टिंग का कार्य भी आना चाहिए.

सौमिक बताते हैं कि यह पेड़ आपको सिर्फ प्रदूषण ही नहीं बल्कि भीषण गर्मी में भी राहत देते हैं. इसे लगाने से आपके घर का तापमान ठंडा बना रहता है. इस तरह से आप घर में बिजली के खर्च से भी बच जाएंगे, जो गर्मी में यानी एसी-कूलर से आता है.

पेड़ों के जरिए बनाई खुद की कंपनी

जैसे-जैसे उनका बिजनेस इस पेड़ से बढ़ने लगा उन्होंने इसे अपनी खुद की गो ग्रीन बोनसाई नाम की एक कंपनी को खड़ा कर दिया. जिसमें वह बोनसाई पेड़, पेनजिंग आर्ट के साथ प्लांट, कैक्टस और दूसरे एग्जॉटिक पौधे आदि को बेचकर लाभ कमाते हैं. आज के समय में सौमिक दास के बोनसाई पेड़ दुनियाभर में मशहूर है. इनका खुद का अपना एक फार्म भी है, जहां से यह अपने पेड़ों को डिलीवरी करते हैं.

English Summary: This house of Delhi free from pollution, know how the owner is earning lakhs of rupees
Published on: 25 October 2022, 02:10 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now