टिकाऊ कृषि के माध्यम से जायडेक्स कर रहा एक हरित भविष्य का निर्माण बाढ़ से फसल नुकसान पर किसानों को मिलेगा ₹22,500 प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा, 5 सितंबर 2025 तक करें आवेदन बिना गारंटी के शुरू करें बिजनेस, सरकार दे रही है ₹20 लाख तक का लोन किसानों को बड़ी राहत! अब ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम पर मिलेगी 80% सब्सिडी, ऐसे उठाएं योजना का लाभ जायटॉनिक नीम: फसलों में कीट नियंत्रण का एक प्राकृतिक और टिकाऊ समाधान Student Credit Card Yojana 2025: इन छात्रों को मिलेगा 4 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन, ऐसे करें आवेदन Pusa Corn Varieties: कम समय में तैयार हो जाती हैं मक्का की ये पांच किस्में, मिलती है प्रति हेक्टेयर 126.6 क्विंटल तक पैदावार! Watermelon: तरबूज खरीदते समय अपनाएं ये देसी ट्रिक, तुरंत जान जाएंगे फल अंदर से मीठा और लाल है या नहीं
Updated on: 27 April, 2023 12:57 PM IST

बिहार के पूर्वी चंपारण के रहने वाले राम अयोध्या प्रसाद और उनके भाईयों ने मिलकर पारंपरिक खेती को छोड़ बागवानी शुरू की और आज वह लोग काफी अच्छी कमाई कर रहे हैं. अयोध्या प्रसाद के पास सिर्फ बीघा की जमीन है और उन्होंने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर इस खेत में कद्दू की खेती शुरू की जिससे उनकी आज किस्मत बदल गई है. अयोध्या बताते हैं कि उनके गांव में कोई भी इससे पहले कद्दू की खेती नहीं करता थाइसके लिए उन्होंने जिले के कृषि विभाग से संपर्क किया और वहां से इसके बारे में पूरी जानकारी ली.

कद्दू की खेती में कमाई

अयोध्या प्रसाद बताते हैं कि बदलते समय में खुद को भी बदलना चाहिए. आज के इस वैज्ञानिक युग में हमने पारंपरिक खेती को छोड़ नई तकनीक के माध्यम से खेती करने का फैसला लिया और आज हमारी काफी अच्छी कमाई हो रही है. कद्दू की खेती के लिए ट्रैक्टर, मजदूरी और बीजों की खरीद आदि मिलाकर कुल लगभग 12 हजार का खर्च आता है आयोध्या बताते हैं कि एक बार फसल तैयार होने के बाद खेत से लगभग 50 किलो कद्दू निकल जाता है. इसे वह बाजार में बेचकर लगभग 30 से 40 हजार की कमाई आराम से कर लेते हैं.

खेती का तरीका

राम अयोध्या प्रसाद कद्दू की खेती के लिए सबसे पहले कद्दू के बीज को 48 से 72 घंटे के लिए पानी में भिगो देते हैं. इसके बाद खेत की तैयारी के लिए मिट्टी में बीजों को बोया जाता है. इस दौरान खेतों में एक से दो बार मौसम के अनुसार पानी दे दिया जाता है. वह कद्दू की खेती मुख्यत: दिसंबर के महीने में शुरू करते हैं और इस फसल को तैयार होने में फरवरी तक का महीना लग जाता है. 

ये भी पढ़ें: कद्दू (pumpkin) की खेती से बड़ा मुनाफा

इन तीन महीनों के दौरान फसल की काफी अच्छे से देखभाल करनी होती है. खेत मे रेखा तैयार करनामचान बनानाखाद और कीटनाशक का छिड़काव करना जैसी चीजे होती हैं.

English Summary: This farmer left traditional farming and started pumpkin farming, earning 50 thousand annually
Published on: 27 April 2023, 01:01 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now