Krishi Yantra Yojana: रोटोवेटर और मल्टी क्रॉप थ्रेसर समेत इन 6 कृषि यंत्रों पर मिल रहा 50% तक अनुदान, जानें कैसे उठाएं लाभ Dudharu Pashu Bima Yojana: दुधारू पशुओं का होगा बीमा, पशुपालकों को मिलेगी 75% सब्सिडी, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया! PM Kusum Yojana से मिलेगी सस्ती बिजली, राज्य सरकार करेंगे प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए तक की मदद! जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया Rooftop Farming Scheme: छत पर करें बागवानी, मिलेगा 75% तक अनुदान, जानें आवेदन प्रक्रिया भारत का सबसे कम ईंधन खपत करने वाला ट्रैक्टर, 5 साल की वारंटी के साथ महिलाओं के लिए तंदुरुस्ती और ऊर्जा का खजाना, सर्दियों में करें इन 5 सब्जियों का सेवन ये हैं भारत के 5 सबसे सस्ते और मजबूत प्लाऊ (हल), जो एफिशिएंसी तरीके से मिट्टी बनाते हैं उपजाऊ Mahindra Bolero: कृषि, पोल्ट्री और डेयरी के लिए बेहतरीन पिकअप, जानें फीचर्स और कीमत! Multilayer Farming: मल्टीलेयर फार्मिंग तकनीक से आकाश चौरसिया कमा रहे कई गुना मुनाफा, सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये तक Wheat Farming: किसानों के लिए वरदान हैं गेहूं की ये दो किस्में, कम लागत में मिलेगी अधिक पैदावार
Updated on: 30 March, 2023 4:00 PM IST
नौकरी छोड़ शुरू की अनार की खेती

Successful farmer: राजस्थान के सिरोही जिले के निवासी नवदीप गोलेछा ने खेती के क्षेत्र में कुछ ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिससे पूरे राजस्थान में उनका नाम प्रसिध्द हो रखा है. आज वह खेती के क्षेत्र में लाखों की कमाई कर रहे हैं. नवदीप एक व्यावसायिक परिवार से आते हैं. उन्होंने वर्ष 2011 में वित्तीय अर्थशास्त्र में एमएससी की पढ़ाई इंग्लैंड से की. इसके वहीं पर एक इन्वेस्टमेंट बैंकर के तौर पर काम करना शुरू किया.

इस दौरान उनके परिवार वाले उन्हें वापस देश आने का दबाव देने लगे. नवदीप साल 2013 में अपनी नौकरी छोड़ भारत वापस आ गए.

घर वापस आने के बाद नवदीप ने रिजॉर्ट शुरू करने का सोचा लेकिन फिर उन्होंने वृक्षारोपण में हाथ आजमाने का सोचा.  फिर उन्होंने जोधपुर से 170 किलोमीटर दूर सिरोही गांव में 40 एकड़ की जमीन पर खेती करने के बारे में सोचा और उन्होंने कुल 30 एकड़ में अनार के पौधों का रोपड़ किया और अतिरिक्त 10 एकड़ में नींबू, पपीता और शरीफा के पेड़ लगाना शुरू किया. उनके गाँव के लोग मज़ाक उड़ाते थे क्योंकि उन्होंने विदेश से नौकरी छोड़ खेती में अपना काम शुरू किया था.

नवदीप गोलेछा ने अनार की खेती के लिए सबसे पहले क्षेत्र के कृषि विभाग में संपंर्क किया था. उन्होंने अपने खेत की मिट्टी का परीक्षण कराया और रिसर्च के बाद अनार की खेती शुरू की. जब अनार के फलों का उत्पादन शुरू होने लगा तो उन्होंने अपनी उपज का निर्यात करने के लिए एपीडा के साथ पंजीकरण कराया और अपने उत्पाद को सीधे निर्यात करने की अनुमति ली. नवदीप नीदरलैंड में अपने अधिकांश सामानों का निर्यात करते हैं.

ये भी पढ़ेंः सफल किसान सत्यवान जैविक खेती से साथ कर रहे गौपालन, उनकी गाय के दूध की कीमत 100 रुपए प्रति लीटर

इसके अलावा वह मल्चिंग पेपर तरीके से पपीता उगाते हैं और साथ ही नींबू और धनिया की भी खेती करते हैं.  उनका दावा है कि वह हर साल फसल पर लगभग 25 लाख रुपए खर्च करने के बाद 1.25 करोड़ तक का मुनाफा आराम से कमा लेते हैं.

English Summary: Leaving job abroad made farming a source of income
Published on: 30 March 2023, 03:32 PM IST

कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं..!!

प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।

Donate now